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नियम कायदों को ताक पर रखकर मस्तूरी क्षेत्र में हो रहा है पत्थर खदानों का संचालन खनिज विभाग पर लग रहा आरोप

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प्रमोद अवस्थीllमस्तूरी। मस्तूरी क्षेत्र के ग्राम पंचायत मस्तूरी कोसमडीह, मोहतरा खैरा, जयरामनगर, मे संचालित पत्थर खदान एवं स्टोन क्रेशर संचालकों की मनमानी से खदानों के आसपास निवासरत ग्रामीण जन अत्यधिक परेशान रहते हैं। कई खदानो डस्ट के कारण आम रास्ता से आने जाने वाले राहगीरों ग्रामीणों पर गिट्टी पत्थर के डस्ट एवं धूल से टीवी स्वास एवं गंभीर बीमारियों को अपने चपेट में हमेशा लेते रहते हैं जिससे आए दिन ग्रामीणों को भारी तकलीफों का सामना करना पड़ता है।
खदानों में पर्यावरण संरक्षण की होती है अनदेखी

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इन क्रेशर खदानों के आसपास निवास रत ग्रामीण अत्यधिक परेशान रहते हैं क्योंकि इन क्रेशर खदानों के संचालकों द्वारा खदानों में पर्यावरण संरक्षण के अनदेखी करते हुए निर्धारित से अधिक क्षमता का विस्फोट किए जाने की शिकायतें लगातार प्राप्त होते रहती है परंतु जिला खनिज विभाग का अमला इसकी अनदेखी करते हमेशा से आ रहा है।
इन परिस्थितियों में विभाग के कार्य शैली का अनुमान सहज ही लगाया जा सकता है मस्तूरी क्षेत्र में पत्थर खदान एवं स्टोन क्रेशर प्लांट का संचालन भारी संख्या में किया जा रहा है जिसमें से बहुत से रसूखदार क्रेसर संचालक नियम कार्यों को तक पर रखकर खदान का संचालन कर रहे हैं।
सुरक्षात्मक उपाय नहीं होता

क्रेशर संचालकों द्वारा पर्याप्त मात्रा में सुरक्षात्मक उपाय नहीं किए जाने के कारण गिट्टी निर्माण के दौरान उड़ने वाली धूल से लोग अत्यधिक परेशान हैं साथ ही धूल की परत से किसानों के फसलों पर जमने से किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है
कई किसानों की जमीन इस गिट्टी के धूल की परत की वजह से धीरे-धीरे बंजर होते जा रही है संचालकों द्वारा संचालकों निश्चित संख्या में वृक्षारोपण करने का निर्देश रहता है परंतु अधिकांश पत्थर खदानों में इस नियम का पालन किया ही नहीं जाता किसी भी संचालक के द्वारा वृक्षारोपण नहीं किया जाता अगर कर दिया जाता है तो उसकी देखभाल भी नहीं कर पाते जिससे पौधे स्वयं ही नस्ट हो जाते है।
40 से50 फीट गहरी झील
क्रेशर खदानों के द्वारा प्रतिदिन पत्थर निकाले जाने के चलते 40 से 50 फीट गहरी झिल नुमा संरक्षण संरचना भी तैयार करवा दी गई है जिससे कभी भी गंभीर दुर्घटना होने की संभावना बने रहती है इसे देखकर भी अधिकारी गण अन देखा करके चले जाते हैं।

प्रतिदिन तीव्र ब्लास्टिंग किए जाने से आसपास के ग्रामीणों का जीवन दूभर

क्रेशर खदानों में प्रतिदिन तीव्र ब्लास्टिंग किए जाने से आसपास के ग्रामीण जनों का जीवन दूभर हो गया है साथ ही भय व्याप्त रहता है खदानों के समीप स्थित कई घरों में ब्लास्टिंग की वजह से दीवारों में दरार भी आ गई है शासकीय अमले द्वारा निरीक्षण नहीं किए जाने से क्रेशर संचालकों के हौसले बुलंद रहते हैं।

खनिज अधिकारी डी के मिश्रा ने कहा कि जल्द ही वहा टीम भेजकर जांच करवा कर उचित कार्यवाही की जाएगी।

खनिज इंस्पेक्टर पद्मिनी ने कहा कि मैं अभी क्षेत्र में नई हू वहा जाकर जांच कर उचित कार्यवाही की जाएगी।

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