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दहशत फैलाने के इस नए ट्रेंड ने बढ़ाई टेंशन,स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, सामने आया ईमेल भेजने वाले का मंसूबा,

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This new trend of spreading terror increased the tension, threat to bomb schools, the intention of the email sender came to light,

दिल्ली के लगभग 200 स्कूलों को मिले बम संबंधी अफवाह वाले ईमेल का मंसूबा सामूहिक स्तर पर दहशत पैदा करना और सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ना था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा दर्ज की गई एक एफआईआर में यह बातें कही गई है। एक आधिकारिक सूत्र के अनुसार, पुलिस को बुधवार सुबह 5.47 बजे से दोपहर 2.13 बजे तक विभिन्न स्कूलों से कम से कम 125 बम से हमले के धमकी भरे कॉल प्राप्त हुए।
उन्होंने बताया कि कॉल मिलने के बाद पीसीआर वाहनों को स्कूलों में भेजा गया और जिला पुलिस, बीडीएस, एमएसी, स्पेशल सेल और अपराध नियंत्रण कक्ष, डीडीएमए, एनडीआरएफ, फायर सीएटीएस और कई अन्य एजेंसियों को सतर्क किया गया। सूत्र के मुताबिक, एफआईआर के एक हिस्से में लिखा है कि इन जांच संबंधित टीमों को विभिन्न स्कूलों में जाने में दिक्कतें हुईं।

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सभी स्कूलों को समय पर खाली करा लिया गया

उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने एक मिशन के तहत सभी स्कूलों को खाली करा लिया और पूरे शहर में व्यापक जांच अभियान चलाया। सूत्र ने कहा, “सामूहिक दहशत पैदा करने और जनता को परेशान करने के षडयंत्रकारी इरादे से ये ईमेल भेजे गए थे।
स्पेशल सेल पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 505 (2) (विभिन्न वर्गों के बीच दुश्मनी, नफरत या द्वेष पैदा करने या बढ़ावा देने वाले बयान), 507 (गुमनाम संचार द्वारा आपराधिक धमकी) और 120 (बी) (आपराधिक षडयंत्र) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

एक जैसा ईमेल सभी स्कूलों को मिला

दिल्ली-एनसीआर के लगभग 200 स्कूलों को बुधवार को एक जैसा धमकी भरा ईमेल मिला, जिसमें दावा किया गया कि उनके परिसर में विस्फोटक लगाए गए हैं। इसके बाद बड़े पैमाने पर छात्रों की निकासी और संदिग्ध की तलाशी शुरू हो गई। इस दौरान माता-पिता अपने बच्चों को लेने के लिए स्कूल की तरफ दौड़ पड़े। अधिकारियों को इस तलाशी के दौरान कुछ भी नहीं मिला। इसके बाद इसे फेक घोषित कर दिया गया।

पुलिस अफसरों से लेकर एलजी अलर्ट मोड में

सुबह से लेकर दोपहर तक पूरी राजधानी हलकान रही। केंद्रीय गृह मंत्रालय, दिल्ली के एलजी और पुलिस के आला अफसरों अलर्ट मोड में आ गए। पैरंट्स और स्टूडेंट्स के बीच दहशत फैल गई। लोगों के बीच स्कूलों की तरफ भागने की होड़ सी मच गई। पुलिस अफसर बताते हैं कि अचानक इस तरह से पैनिक फैलने की आशंका रहती है। भगदड़ मचने पर जानमाल का नुकसान का खतरा बना रहता है। इसलिए जनता से यही अपील की जाती है कि वो ऐसे हालात में बिल्कुल भी ना घबराएं और हमेशा अलर्ट रहें। एक एक तरह की नई चुनौती है, जिससे पुलिस और पब्लिक दोनों को मिल कर निपटना है।

दहशत का नया ट्रेंड

पुलिस अफसर ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों में या अन्य जगह पर बम की हॉक्स कॉल पहले भी आती रही हैं। लेकिन इतने ज्यादा स्कूलों को बम रखे जाने का एक साथ ई-मेल भेजने का ये पहला मामला सामने आया है। ये एक नया ट्रेंड है। इससे आने वाले समय में बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के इस दौर में दहशत फैलाने वाले किसी भी हद तक जा सकते हैं। इस तरह का पैनिक फैलाने के पीछे साजिशकर्ताओं का क्या मकसद है और वो इससे क्या हासिल चाहते हैं, इसका खुलासा आरोपियों के पकड़े जाने के बाद ही हो सकेगा।

भारी पड़ सकता है ऐसे मेल करना

पुलिस अफसर बताते हैं कि इस तरह के मेल नहीं भेजने चाहिए। इससे कानून के पचड़े में फंस सकते हैं। दरअसल धमकी भरा ई-मेल भेजने से आईटी एक्ट की धारा 67 लगाई जाती है। इसके तहत पहली बार में तीन साल की सजा और पांच लाख जुर्माना, जबकि दूसरी बार दोषी पाए जाने पर पांच साल की सजा और दस लाख जुर्माने का प्रावधान है। धमकी के मद्देनजर आईपीसी की धारा 505बी भी लगती है। मेल में अगर फिजा बिगाड़ने वाली टिप्पणी हो तो फिर धार्मिक शत्रुता का माहौल बनाने के तहत 153A भी लगाई जाती है।

 

 

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