The business is worth crores, this country buys maximum onion from India, export was allowed on the request of other countries.
भारत में प्याज का उत्पादन सबसे ज्यादा होता है, ऐसे में इसका निर्यात भी हमारे देश से अच्छा खासा होता है. तो चलिए आज हम जानते हैं कि किस देश द्वारा भारत से सबसे ज्यादा प्याज खरीदी जाती है.
बता दें कि एग्रीएक्सचेंज के द्वारा शेयर किए गए साल 2022-23 के आंकड़ों के मुताबिक, भारत से सबसे ज्यादाा प्याज बांग्लादेश ने खरीदी थी. जो लगभग 11.12 करोड़ डॉलर की थी.
इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर मलेशिया का नाम आता है. जहां साल 2022-23 में 10.5 करोड़ डॉलर की प्याज खरीदी गई थी.
मलेशिया के बाद इस लिस्ट में संयुक्त अरब अमीरात का नाम आता है. जिसने भारत से लगभग 9.73 करोड़ डॉलर की प्याज खरीदी थी.
भारत से सबसे ज्यादा प्याज खरीदने वाले देशों की लिस्ट में चौथे नंबर पर श्रीलंका का नाम आता है. जो भारत से 5.62 करोड़ डॉलर की प्याज 2022-23 में खरीद चुका है.
वहीं पांचवे नंबर पर नेपाल का नाम आता है. जिसने 2022-23 में भारत से 3.34 करोड़ रुपये की प्याज खरीदी थी.
लोकसभा चुनाव को देखते हुए फैसला, विपक्षी नेता बोले- इससे कोई फायदा नहीं
सरकार के इस फैसले को लोकसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। आगामी फेज में सबसे ज्यादा प्याज उत्पादन वाले राज्य महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक में चुनाव होने हैं। महाराष्ट्र के नासिक, कोल्हापुर, अहमदनगर, धुले, पुणे, मराठवाड़ा, शिरूर, शिरडी, छत्रपति संभाजीनगर, बीड और डिंडोरी लोकसभा सीटें शामिल हैं। यहां पर प्याज उत्पादकों का एक बड़ा वर्ग है।
प्याज के निर्यात पर बैन से किसान काफी नाराज थे। लंबे समय से केंद्र सरकार से इसे हटाने की मांग कर रहे थे। केंद्रीय मंत्री डॉ. भारती पवार, सांसद डॉ. सुजय विखे पाटिल और हेमंत गोडसे सहित कई बड़े नेता प्याज उत्पादक बेल्ट से चुनाव मैदान में हैं। निर्यात पर प्रतिबंध ने इन्हें बैकफुट पर भेज दिया था। शेतकारी संगठन के नेता अनिल घनवत ने दावा किया कि प्रतिबंध वापस लेने से प्याज उत्पादकों को शायद ही कोई फायदा होगा।
बैन के बीच दूसरे देशों के अनुरोध पर निर्यात की अनुमति थी
पिछले साल दिसंबर में सरकार ने 31 मार्च 2024 तक प्याज के निर्यात पर रोक लगाई थी। हालांकि सरकार प्रतिबंध के बीच भी कुछ मित्र देशों को प्याज निर्यात कर रही थी। पिछले महीने सरकार ने छह पड़ोसी देशों- बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात, भूटान, बहरीन, मॉरीशस और श्रीलंका को 99,150 टन प्याज के निर्यात की अनुमति दी थी। इन्हें सफेद प्याज भेजी गई थी।
नवरात्रि के बाद तेजी से बढ़े थे प्याज के दाम
अक्टूबर में नवरात्रि के बाद देशभर में प्याज की कीमतें तेजी से बढ़ने लगीं और केवल एक हफ्ते में दोगुने से ज्यादा हो गई थीं। इसके बाद सरकार ने कंज्यूमर्स के ऊपर बोझ कम करने के लिए 27 अक्टूबर से नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर फेडरेशन (NCCF) और नेफेड जैसे सरकारी बिक्री केंद्रों के जरिए 25 रुपए किलो के रेट से प्याज की बिक्री शुरू की थी।
पढ़ें केंद्र सरकार का नोटिफिकेशन




