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पिता के पेशे पर आती थी शर्म,पंचायत-3 की एक्ट्रेस को कहा- वे ट्रक ड्राइवर थे..और मैं नहीं चाहती थी कि…

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I was ashamed of my father’s profession, told the Panchayat-3 actress- he was a truck driver… and I didn’t want that…

नई दिल्ली. ‘पंचायत-3’ की मशहूर एक्ट्रेस सुनीता राजवार ( Sunita Rajwar) ने अपने हालिया इंटरव्यू में अपने स्ट्रगल के दिनों को याद कर जहां अपने चाहने वालों को इमोशनल कर दिया. वहीं उन्होंने अपने पिता के प्रोफेशन को लेकर कुछ ऐसा कह दिया है जिसकी वह से खबरों में आ गई हैं. उन्होंने अपने हालिया इंटरव्यू में बताया कि उन्हें अपने पिता के काम पर गर्व महसूस करने में काफी वक्त लग गया था. वह शर्म से किसी को नहीं बताना चाहती थीं उनके पिता क्या करते थे उनका पेशा क्या था.

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Sunita Rajwar के अनुसार, जब एक्टिंग की दुनिया में नई-नई थीं. उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा था. टीवी पर वे छोटे-छोटे रोल निभाकर अपना गुजरा करती थीं. अधिकर टीवी शोज में वह नौकरानी का प्ले किया करती थीं. उन्हें बड़े रोल ओटीटी की दुनिया में फेमस होने के बाद मिला था.
‘डिजिटल कमेंटरी’ से बात करते हुए सुनीता के अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद किया. उन्होंने इस दौरान बताया कि उन्हें काफी वक्त लग गया ये हिम्मत जुटाने में और स्वीकार करने में की उनके पिता एक ट्रक ड्राइवर हैं. वह अपने पिता के प्रोफेशन को सबके सामने खुलकर बताने में काफी शर्मिंदगी होती थी. ये बातें तब की हैं जब वह स्कूल में पढ़ाई करती थीं.

सुनीता ने ब बताया कि उन्हें शर्म आती थी क्योंकि स्कूल में पढ़ने वाले बाकी बच्चों को उनके ड्राइवर छोड़ने आया करते थे उनके लिए भी लंच लेकर आते थे. उन सभी के पिता अगल-अलग प्रोफेशन में काम किया करते थे. उन्होंने बताया कि उनके पिता ड्राइवर बनने से पहले वो दुकान में दुकानदार के असिस्टेंट के तौर पर भी काम करते थे. उन्होंने अपनी सारी बचत फैमिली की देखभाल में खर्च कर दिए. बाद में वह ट्रक चलाने लगे. आगे उन्होंने बताया कि वह बड़ी होने तक पिता के पेशे ट्रक ड्राइवर होने की बात सबसे छिपाया करती थीं. हालांकि, बाद में जाकर उन्हें ये समझ आ गई कि ये शर्म नहीं बल्कि गर्व करने वाली बात है.

स्कूल में और बच्चों को ड्राइवर छोड़ने आया करते थे

हाल ही में डिजिटल कमेंटरी को दिए इंटरव्यू में सुनीता ने अपनी लाइफ से जुड़े इस सच का किस्सा सुनाया। उन्होंने अपने स्कूली दिनों का किस्सा सुनाया। 54 साल की एक्ट्रेस ने बताया कि उन्हें शर्म आती थी क्योंकि स्कूल में पढ़ने वाले बाकी बच्चों को उनके ड्राइवर छोड़ने आया करते थे और उनके लिए वे ताजा लंच लेकर आया करते थे। उन्होंने बताया कि उनके पिता कई तरह के काम करते थे, जैसे ड्राइवर बनने से पहले वो दुकान में दुकानदार के असिस्टेंट के तौर पर भी काम कर चुके थे। उन्होंने अपनी सारी बचत फैमिली की देखभाल में खर्च कर दिए।

सुनीता ने सुनाया वो सच जिसे स्वीकार करने में उन्हें कई साल लगे

उन्होंने बताया कि उन्हें लंबा वक्त लग गया हिम्मत जुटाने में कि वो स्वीकार कर सकें और अपने पिता के काम को सबके सामने खुलकर डिस्कस कर सकें।

टीवी से लेकर फिल्मों में खूब कमाया है नाम, असिस्टेंड डायरेक्टर का भी किया काम

बता दें कि उन्होंने टीवी और फिल्में दोनों में खूब काम किया है। साल 2003 में उन्होंने ‘मैं माधुरी दीक्षित बनना चाहती हूं’ से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने ‘बुड्ढा मर गया’, ‘केदारनाथ’, ‘स्त्री’, ‘बाला’ जैसी कई फिल्मों में काम किया है। इसके अलावा उन्होंने ‘सीआईडी’, ‘शगुन’, ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’, ‘रामायण’, ‘हिटलर दीदी’ जैसे की शोज़ भी किए। उन्होंने कुछ टीवी कमर्शियल भी किए हैं जिनमें ‘पाप का अंत’ और ‘आस्क मी ऐप’ शामिल है। वहीं सुनीता ने कुछ फिल्मों में राइटर और असिस्टेंट डायरेक्टर का भी काम किया है। ‘मैं मेरी पत्नी और वो’ में वह असिस्टेंट डायरेक्टर रही हैं और ‘टकीला नाइट्स” में डायलॉग राइटर और ‘स्ट्राइकर’ में स्टोरी/स्क्रीनप्ले का काम किया है।

 

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