नारायणपुर- नारायणपुर के जिला अस्पताल में कलेक्टर श्री बिपिन मांझी के निर्देशानुसार दो दिवसीय 26 और 27 जून को प्रशिक्षण कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य नर्सिंग स्टाफ को बच्चों के संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाना और उन्हें आवश्यक ज्ञान और कौशल से सुसज्जित करना था, ताकि वे अपने कार्यक्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित कर सकें। इस कार्यशाला का आयोजन यूनिसेफ और जिला अस्पताल के संयुक्त प्रयासों से किया गया, जिसमें जिला सलाहकार सोनल सरीन ने नर्सिंग स्टाफ को बाल संरक्षण के महत्वपूर्ण विषय पर प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण के दौरान नर्सिंग स्टाफ को बच्चों के मौलिक अधिकारों और उनके साथ होने वाले अपराधों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसमें यह भी बताया गया कि ऐसे परिस्थितियों में उनकी क्या जिम्मेदारियाँ होती हैं और वे किस तरह से संबंधित शिकायतें दर्ज कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त उन्हें बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने के तरीकों के बारे में भी सिखाया गया। नर्सिंग स्टाफ को अलग अलग खेल विधाओं के माध्यम से बच्चों के अधिकार के बारे में बताया गया और उनको जिला में मौजूद चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के बारे में भी बताया गया। कार्यशाला में डीएमएचपी (जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम) के काउंसलर और साइकियाट्रिस्ट उपस्थित थे।



