A student fell unconscious in school, died a day after his birthday, death also comes like this…
राजस्थान के दौसा जिले में एक छात्र स्कूल में बेहोश होकर जमीन पर गिर गया। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। शुक्रवार को ही छात्र का जन्मदिन था। 10वीं कक्षा का ये छात्र हृदय रोग से पीड़ित था। पुलिस के मुताबिक परिवार के लोग अलवर जिले में स्थित अपने पैतृक गांव में उसका अंतिम संस्कार करेंगे।
आशंका- छात्र को दिल का दौरा पड़ा
बांदीकुई थाने के एसएचओ प्रेम चंद ने बताया कि डॉक्टरों को संदेह है कि 16 वर्षीय यतेंद्र उपाध्याय को दिल का दौरा पड़ा है। हालांकि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमॉर्टम के बाद ही चलेगा। मगर छात्र के परिवार वाले पोस्टमार्टम के लिए राजी नहीं हुए हैं।
एसएचओ के मुताबिक पांच जुलाई को ही यतेंद्र ने अपना जन्मदिन मनाया था। अगले दिन यानी शनिवार को स्कूल में अचानक बेहोश होकर गिर गया। स्कूल प्रशासन छात्र को बांदीकुई उप-जिला अस्पताल ले गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सीपीआर से भी नहीं बची जान
डॉक्टर पवन जरवाल ने बताया कि स्कूल स्टाफ छात्र को अस्पताल लेकर आया था। जब उसे लाया गया तो उसकी दिल की धड़कन नहीं चल रही थी। हमने सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। परिवार के सदस्यों ने जानकारी दी है कि छात्र को दिल की बीमारी थी। हालांकि वह पोस्टमार्टम के लिए सहमति नहीं हुए हैं। इसकी जानकारी पुलिस को दे दी गई है।
सीसीटीवी में कैद हुई यतेंद्र की मौत की घटना
घटना ज्योतिबा फुले राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में हुई। यतेंद्र जब स्कूल पहुंचा तो एकदम स्वस्थ लग रहा था। लेकिन अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर गया। स्कूल स्टाफ ने तुरंत उसे बांदीकुई अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह पूरा घटनाक्रम स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है।
कुछ साल पहले दिल में हुई थी तकलीफ
यतेंद्र की मौत का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि यतेंद्र की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। बताया जा रहा है कि कुछ साल पहले भी यतेंद्र को दिल की समस्या हुई थी और उसे जयपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यतेंद्र के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है, जिसकी वजह से मौत का असली कारण पता नहीं चल सका है।
डॉक्टरों के मुताबिक, जब हमने छात्र यतेंद्र की मेडिकल हिस्ट्री देखी तो पता चला कि कुछ साल पहले हार्ट की समस्या को लेकर छात्र यतेंद्र को करीब 4 साल पहले जयपुर में एडमिट रखा गया था। ऐसे में छात्र पूर्व से हार्ट की बीमारी का शिकार रहा था। इस घटना से स्कूल में हड़कंप मच गया। स्कूल के सभी बच्चे और टीचर सदमे में हैं।



