Tax Clearance Certificates: Will every citizen need a tax clearance certificate for travelling abroad? The government has clarified
नई दिल्ली। भारत में रहने वाले लोगों को देश छोड़ने से पहले सभी कर बकाया चुकाने होंगे और ‘क्लीयरेंस सर्टिफिकेट’ प्राप्त करना होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2024 में इसकी घोषण की है। हालांकि, सरकार ने रविवार को स्पष्ट किया कि प्रस्तावित संशोधन के तहत हर व्यक्ति को टैक्स क्लीयरेंस सर्टिफिकेट प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं है।
सोशल मीडिया पर लोगों के बढ़ते गुस्से को देखते हुए सरकार ने रविवार को स्पष्ट किया कि प्रस्तावित संशोधन भारत के सभी निवासियों के लिए नहीं है। यह नियम वित्तीय अनियमितताओं के आरोपी या भारी कर बकाया वाले लोगों पर लागू होगा।
क्या कहता है आयकर अधिनियम की धारा 230
आसान भाषा में समझें तो किसी भी व्यक्ति को क्लीयरेंस सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए भारत छोड़ने से पहले अपनी देनदारियों का भुगतान करना होगा। हालांकि, आयकर अधिनियम की धारा 230 के अनुसार, हर व्यक्ति को कर निकासी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होती है। केवल कुछ लोगों को ही प्रमाण पत्र प्राप्त करने की आवश्यकता होगी।
इसमें शामिल हैं:
अगर व्यक्ति गंभीर वित्तीय अनियमितताओं में शामिल हो
आयकर अधिनियम या संपत्ति कर अधिनियम के तहत मामलों की जांच में उसकी उपस्थिति आवश्यक हो
व्यक्ति के खिलाफ 10 लाख रुपये से अधिक का प्रत्यक्ष कर बकाया हो
व्यक्ति पर किसी भी प्राधिकरण द्वारा रोक नहीं लगाई गई हो
वित्त मंत्रालय ने बताया किसे टैक्स सर्टिफिकेट जरूरी”
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “प्रस्तावित संशोधन में सभी नागरिकों को टैक्स क्लियरेंस सर्टिफिकेट हासिल करने की जरूरत नहीं है।” आयकर अधिनियम की धारा 230 के मुताबिक, हर व्यक्ति को टैक्स क्लियरेंस दस्तावेज की आवश्यकता नहीं है। केवल कुछ विशेष परिस्थितियों में ही लोगों को यह सर्टिफिकेट लेना पड़ेगा।
टैक्स सर्टिफिकेट किन परिस्थितियों में लेना पड़ेगा?
2004 के एक नोटिफिकेशन के अनुसार, वित्त मंत्रालय ने बताया कि आयकर विभाग ने यह निर्धारित किया है कि केवल कुछ परिस्थितियों में ही भारत में रहने वाले लोगों को टैक्स क्लियरेंस सर्टिफिकेट लेने की आवश्यकता हो सकती है। जैसे- व्यक्ति गंभीर वित्तीय अनियमितताओं में शामिल है और आयकर अधिनियम या धनकर अधिनियम के तहत मामलों की जांच में उसकी मौजूदगी जरूरी है, या जब व्यक्ति के खिलाफ 10 लाख रुपए से ज्यादा की डायरेक्ट टैक्स देनदारी है। जो किसी भी प्राधिकरण द्वारा स्थगित नहीं की गई है।
इनकम टैक्स ट्रीब्यूनल जारी करेगा प्रमाणपत्र
आयकर विभाग ने कहा कि किसी व्यक्ति को टैक्स क्लियरेंस सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए तभी कहा जा सकता है जब इसके लिए वाजिब कारण दर्ज हों और प्रधान मुख्य आयुक्त या आयकर आयुक्त से अनुमोदन हासिल किया जाए। आयकर प्राधिकरण इन नागरिकों को यह प्रमाणपत्र जारी करेंगे, जिसमें यह लिखा होगा कि उक्त व्यक्ति पर कोई टैक्स देनदारी नहीं है।



