Free Basti Panchkarma Medical Camp organized in District Ayurveda Hospital, Raigarh
वर्षा ऋतु में वात दोष के बढ़ने से वात रोगों के होने की संभावना बहुत बढ़ जाती है और ऐसे में यदि समय रहते पंचकर्म की वस्ति चिकित्सा का लाभ ले लिया जाए तो वात रोगों से बचाव के साथ ही वात व्याधि पर नियंत्रण भी आसानी से किया जा सकता है और इसी अवधारणा को ध्यान में रखते हुए आयुर्वेद की पंचकर्म चिकित्सा मात्राबस्ती द्वारा स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य संवर्धनार्थ एवं वात व्याधि के मरीजों को सम्यक लाभ देने के लिए जिला आयुष अधिकारी डॉ मीरा भगत के निर्देशानुसार एवं शिविर प्रभारी डॉ रविशंकर पटेल के कुशल नेतृत्व में डॉ कुणाल पटेल,डॉ प्रशांत सक्सेना,डॉ देबाशीष रॉय चौधरी, डॉ विभा पटवर्धन,डॉ एस बी यादव,डॉ विकास विक्रांत, डॉ संतोष गुप्ता, डॉ विजय लक्ष्मी चंद्रा,डॉ संजीव पटेल , डॉ गगन पटेल, डॉ श्रद्धा पटेल , डॉ निकिता पांडे की टीम के द्वारा वृहद मात्रा वस्ति शिविर का आयोजन किया गया । 22 जुलाई से 27 जुलाई तक चले इस शिविर में 372 पंचकर्म मात्रा वस्ति का लाभ मरीजों को दिया गया।
जिला आयुर्वेद अधिकारी ने बताया कि मात्रा वस्ति पंचकर्म की वह निरापद चिकित्सा है जिसके द्वारा वात रोगों को बहुत हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।यह चिकित्सा पूरी तरह से सुरक्षित है साथ ही इसका कोई साइड इफ़ेक्ट भी नहीं है।डॉ मीरा भगत ने लोगों को आयुर्वेद चिकित्सा और पंचकर्म चिकित्सा का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की है।उन्होंने बताया कि पंचकर्म द्वारा न केवल रोगों की चिकित्सा की जाती है बल्कि रोग होने से पहले इसे कराने पर विभिन्न रोगों से बचा भी जा सकता है।
शिविर को सफल बनाने में शिव परीक्षा ,मार्कण्डेय साहू,दिनेश सारथी,जयकुमारी ज्वाला,दीपकान्त कश्यप ,रीता यादव और अन्य हॉस्पिटल स्टाफ का विशेष सहयोग रहा।



