Wayanad Landslides News: Landslide wreaks havoc in Wayanad, Kerala, 24 people dead, more than 100 buried under debris
केरल के वायनाड जिले में दर्दनाक हादसा हुआ है. वायनाड के पास पहाड़ी क्षेत्र में मंगलवार सुबह भारी बारिश के कारण हुआ है. भूस्खलन के चलते तबाही मची हुई है. 24 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. सभी के शव बरामद किये गए है. जबकि 100 से ज्यादा लोगों की मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है.
भूस्खलन से तबाही
जानकारी के मुताबिक, वायनाड के मेप्पडी के पास विभिन्न पहाड़ी इलाकों में मंगलवार की सुबह बारिश के चलते भूस्खलन हुआ. कई लोग इसमें डाब गए. कई घर इसकी चपेट में आ गए. स्कूल और आस-पास के घरों और दुकानों में भूस्खलन के चलते पानी और कीचड़ भर गया. हादसे के बाद दमकल विभाग और एनडीआरएफ की टीमों को भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में तैनात किया गया है. साथ ही वायुसेना के दो हेलीकॉप्टर एमआई-17 और एएलएच रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है. इसके अलावा कन्नूर रक्षा सुरक्षा कोर की दो टीमों को भी बचाव प्रयासों में सहायता के लिए वायनाड जाने का निर्देश दिया गया है.
24 लोगों की मौत हो गई
भूस्खलन में 24 लोगों की मौत हो गई है . वही करीब 70 से अधिक लोगों का WIMS मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है. सैकड़ों लोगों के फंसे होने की आशंका है. केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा, “हम लोगों को बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं. हमें विभिन्न अस्पतालों में 24 शव मिले हैं. करीब 70 लोग घायल हैं. हमने घायलों का उचित इलाज सुनिश्चित किया है. NDRF और सिविल डिफेंस की टीमें वहां मौजूद हैं…”
हेल्पलाइन नंबर जारी
वहीँ, वायनाड भूस्खलन के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष खोला और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दो हेल्पलाइन नंबर 8086010833 और 9656938689 जारी किए है. वैथिरी, कलपट्टा, मेप्पडी और मननथावाडी अस्पताल सहित सभी अस्पताल मरीजों के इलाज के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.
पीएम मोदी ने भूस्खलन को लेकर सीएम से की बात
इस घटना पर पीएम नरेंद्र मोदी ने दुःख जताया है. उन्होंने ट्वीट किया, “वायनाड के कुछ हिस्सों में भूस्खलन से व्यथित. मेरी संवेदनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है और जो घायल हुए हैं उनके लिए प्रार्थना करता हूं. सभी प्रभावित लोगों की सहायता के लिए बचाव अभियान फिलहाल चल रहा है. केरल के सीएम पिनाराई विजयन से बात की और वहां की मौजूदा स्थिति के मद्देनजर केंद्र की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया.’ साथ ही प्रधानमंत्री ने वायनाड में हए भूस्खलन में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपए और घायलों को 50,000 रुपए दिए जाने की घोषणा की है.
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) ने बताया कि अग्निशमन और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमों को प्रभावित क्षेत्र में तैनात किया गया है। वहीं एनडीआरएफ की एक अतिरिक्त टीम वायनाड जा रही है। इलाके के सीएमओ के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग – राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने एक नियंत्रण कक्ष खोला है और आपातकालीन सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 9656938689 और 8086010833 जारी किए हैं।
वायु सेना के दो हेलीकॉप्टर रवाना
वायु सेना के दो हेलीकॉप्टर एमआई-17 और एक एएलएच सुबह 7.30 बजे सुलूर से रवाना हो गए हैं। बचाव कार्यों का समन्वय किया जाएगा।
स्वास्थ्य कर्मियों की टीमें तैनात
केरल के वैथिरी, कलपट्टा, मेप्पडी और मननथावाडी अस्पताल सहित सभी अस्पताल तैयार हैं। रात में सभी स्वास्थ्य कर्मी सेवा के लिए पहुंचे थे।
पीएम मोदी ने की CM विजयन से बात
वायनाड में स्वास्थ्य कर्मियों की अधिक टीमें तैनात की जाएंगी। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने इसकी जानकारी दी है। बता दें कि इस हादसे के मद्देनजर पीएम नरेंद्र मोदी ने केरल के सीएम पिनराई विजयन से बात की और केंद्र की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया।
वायनाड के गांवों में कितना हुआ नुकसान?
गांवों में भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही के निशान छोड़े हैं. मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टमाला और नूलपुझा गांवों की तस्वीर बदल गई है और अन्य हिस्सों से उनका संपर्क टूट गया है. बाढ़ के पानी में बहे वाहनों को कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियों में फंसे और यहां-वहां डूबे हुए देखा गया है. उफनती नदियों ने अपना मार्ग बदल लिया है और वे रिहायशी इलाकों में बह रही हैं, जिससे और विनाश हो रहा है.
पहाड़ियों से लुढ़कते बड़े-बड़े पत्थर बचावकर्मियों के रास्ते में बाधा पैदा कर रहे हैं. बचाव कार्यों में जुटे लोगों को भारी बारिश के बीच शवों और घायलों को एम्बुलेंस तक ले जाते हुए देखा गया है. भूस्खलन की घटनाओं के कारण बड़े पैमाने पर पेड़ उखड़ गए हैं और बाढ़ के पानी ने हरे-भरे क्षेत्रों को नष्ट कर दिया है.
केरल की मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा, ‘हम अपने लोगों को बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं. हमें विभिन्न अस्पतालों में शव मिले हैं. करीब 70 लोग घायल भी हैं. हमने घायलों का उचित इलाज सुनिश्चित किया है. एनडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमें वहां मौजूद हैं; नौसेना की एक टीम भी जल्द ही वहां पहुंचेगी. इलाके में एक पुल भी बह गया है.’
कई ट्रेनें की गईं रद्द
वलाथोल नगर और वडाकनचेरी के बीच भारी जलभराव के कारण कई ट्रेनों का रद्द कर दिया गया है. इनमें ट्रेन संख्या 16305 एर्नाकुलम-कन्नूर इंटरसिटी एक्सप्रेस को त्रिशूर में रोक दिया गया है. ट्रेन संख्या 16791 तिरुनेलवेली-पलक्कड़ पलारुवी एक्सप्रेस को अलुवा में रोका गया. ट्रेन संख्या 16302 तिरुवनंतपुरम-शोरानूर वेनाड एक्सप्रेस को चालक्कुडी में रोका गया. ट्रैक पर पानी भरा हुआ है.


