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NEET-UG 2024: लीक सिर्फ पटना और हजारीबाग तक सीमित’,’कोई व्यवस्थागत उल्लंघन नहीं हुआ, SC ने कहा- यह सिस्टमैटिक नाकामी नहीं

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NEET-UG 2024: ‘Leaks limited to Patna and Hazaribagh only’, ‘There was no systemic violation’, SC said – this is not a systematic failure

नई दिल्ली। नीट यूजी मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने आज (2 अगस्त) विस्तार से फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि सभी दलीलों को सुनने के बाद इस नतीजे पर पहुंचा गया है पेपर लीक का मामला सिस्टमैटिक फेलयर नहीं है। कोर्ट ने कहा कि पेपर लीक बड़े पैमाने पर नहीं हुआ है।

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पेपर लीक के पर्याप्त सबूत नहीं: सुप्रीम कोर्ट

लीक का मामला केवल पटना और हजारीबाग तक ही सीमित था। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि परीक्षा दोबारा नहीं कराई जाएगी। कोर्ट ने कहा था कि इस बात का पर्याप्त सबूत नहीं है कि परीक्षा की पवित्रता का उल्लंघन हुआ है।
नीट यूजी परीक्षा 5 मई को हुई थी। इसके बाद 4 जून को इसका रिजल्ट जारी किया गया था। रिजल्ट सामने आने के बाद कई छात्रों ने सु्प्रीम कोर्ट में परीक्षा में हुई गड़बड़ी के खिलाफ याचिका दायर की थी।

परीक्षा संचालन में सुधार करेगा NTA

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एनटीए को परीक्षा कराने के तौर-तरीके बदलने के लिए कहा है. कोर्ट ने कहा कि एजेंसी प्रश्न पत्र बनाने से लेकर परीक्षा खत्म हो जाने तक कठोर जांच सुनिश्चित करे. प्रश्न पत्रों के संचालन, आदि की जांच के लिए एक एसओपी बनाई जाए. पेपर को ट्रांसपोर्ट कराने के लिए खुले ई-रिक्शा के बजाय रियल टाइम लॉक वाले बंद वाहनों का उपयोग किया जाना चाहिए. इसके अलावा प्राइवेसी लॉ को भी ध्यान में रखा जाए ताकि अगर कोई गड़बड़ी हो तो उसे पकड़ा जा सके. इलेक्ट्रॉनिक फिंगरप्रिंट्स की रिकॉर्डिंग, साइबर सुरक्षा की व्यवस्था रखें ताकि डेटा को सेक्योर किया जा सके.

ईओयू और सीबीआई ने गिरफ्तार किए कई आरोपी

NEET पेपर लीक मामले में सीबीआई और ईओयू ने जांच की थी. इस जांच के दौरान कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और रिपोर्ट में सामने आया कि झारखंड के हजारीबाग और पटना से पेपर लीक हुआ है. EOU से रिपोर्ट पर सीबीआई ने सीक्वेसिंग शुरू की थी. सीबीआई ने फर्स्ट एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें आठ आरोपियों को नामजद किया गया था. इसमें संजीव मुखिया, सिकंदर यादवेंदु, अमित आनंद, आयुष राज, नीतीश कुमार, रॉकी, अखिलेश और बिट्टू के नाम शामिल है. सीबीआई ने सबसे पहले पटना में तीन ठिकानों पर दबिश दी. जांच एजेंसी सिकंदर यादवेंदु के फ्लैट पर पहुंची. उसके बाद लर्न एंड प्ले स्कूल और उसके बॉयज हॉस्टल में भी छापा मारा. NH गेस्ट हाउस में भी तलाशी ली गई. ये वो स्थान हैं, जिनका संबंध नीट पेपर लीक कांड के आरोपियों से है. पटना में खेमनीचक स्थित लर्न एंड प्ले स्कूल में संजीव मुखिया में स्टूडेंट्स को ठहराया था. आरोप है कि यहीं 35 छात्रों को बैठाकर प्रश्न पत्र के उत्तर रटवाए गए थे.

री-एग्जाम को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला

15 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि NEET UG 2024 की परीक्षा दोबारा नहीं कराई जाएगी. चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि दोनों पक्षों को सुनकर साफ होता है कि परीक्षा की शुचिता (Sanctity) भंग ‘नहीं’ हुई है इसलिए दोबारा परीक्षा कराए जाने की जरूरत नहीं है. ‘पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों’ के आधार पर दोबारा परीक्षा कराने की याचिका खारिज कर दी गई.

सीबीआई के आरोप पत्र में इन लोगों के नाम

इससे पहले नीट यूजी पेपर लीक मामले में सीबीआई ने जो पहला आरोप पत्र दाखिल किया है, उसमें उम्मीदवारों के साथ ही उम्मीदवारों के माता-पिता, इंजीनियर और पेपरलीक के सरगनाओं के नाम शामिल हैं। सीबीआई ने ये भी कहा कि अभी जांच चल रही है और इस मामले में एक पूरक आरोप पत्र (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) भी दायर की जाएगी। पहली चार्जशीट (आरोपपत्र) में 13 आरोपियों के नाम हैं, जिनमें चार नीट उम्मीदवार, एक जूनियर इंजीनियर और पेपरलीक के दो सरगनाओं का नाम शामिल है।

नीट पेपर लीक मामले में खूब हुआ था हंगामा

गौरतलब है कि मेडिकल में प्रवेश के लिए कराई जाने वाली नीट परीक्षा में हुए कथित पेपर लीक को लेकर बीते दिनों देश में काफी हंगामा हुआ था और बड़ी संख्या में लोगों ने फिर से नीट की प्रवेश परीक्षा कराने की मांग की थी। विपक्ष भी इस मुद्दे पर सरकार पर हमलावर था और फिर से नीट परीक्षा कराने की मांग कर रहा था। मामला सुप्रीम कोर्ट गया और सुप्रीम कोर्ट ने माना कि परीक्षा के दौरान व्यवस्थागत खामियां नहीं हुईं और फिर से परीक्षा कराने से इनकार कर दिया।

सीबीआई ने छह एफआईआर दर्ज की

नीट यूजी पेपर लीक मामले में सीबीआई ने छह एफआईआर दर्ज की हैं। नीट प्रवेश परीक्षा में धांधली के आरोप में सबसे पहले पटना पुलिस ने 5 मई को मामला दर्ज किया था, जिसे बाद में 23 जून को सीबीआई को सौंप दिया गया। 5 मई तो हुई नीट परीक्षा में देशभर में 23 लाख छात्र शामिल हुए थे। अब तक नीट मामले में 40 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 15 आरोपियों को बिहार पुलिस ने पकड़ा था और अब तक इस मामले में 58 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया जा चुका है।

 

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