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कार्यकाल में बदलाव AC तक नहीं मैदान में इनाम के हकदार नहीं ये
रामचन्द्रम एरोला ब्यूरो
बीजापुर@ छत्तीसगढ़ के बस्तर अंतर्गत आने वाली बीजापुर अतिसंवेदनशील क्षेत्रों से गिरा हुआ है जिला मुख्यालय को छोड़ दे तो ब्लॉकों के आश्रित ग्राम पंचायतों के ग्रामीण जनों को सरकार की नियद नेल्लानार योजना के तहत शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने में वर्तमान आईएएस अनुराग पांडेय की मुख्य भूमिका रही है क्षेत्र में चर्चा कलेक्टर बनते ही पिछले दिनों अनुराग पांडेय ने जिले को नया पहचान देने की पहल की सभी को पता है सही रास्ता आसान नहीं होता अपनी जिम्मेदारी निभाने के दौरान कई आरोप लगे आरोप लगाने वाले विपक्ष के नेता कम सत्ता पक्ष के दिखे लेकिन हकीकत कुछ और बता रहे ग्रामीण एक तस्वीर ऐसी है जिसके बारे आपको जानना होगा, तस्वीर और खबर लिखने का हमारा मकसद किसी को नीचा दिखाने का नहीं पर जिले की विकास चाहने वाले लोगों को इस तरह की तस्वीर जरूर देखना चाहिए एक तरफ लोगों के लिए मासिया बनने वाला दूसरी ओर बदनाम आईएएस कलेक्टर की पद है ऐसा क्यों कहा रहे समझना होगा क्योंकि प्राशासनिक पद का बड़ा पद इस पद में रहने वालों की बड़ी भूमिका रहता है। दूसरी ओर लगातार बदलती जरूरतों और सरकारों की जिम्मेदारियां कभी कभी इतनी की एसी रूमों से कामों के वजह से निकलना बतौर एक आईएएस को मुश्किल होता है। पर बीजापुर जिले में यहां एक मात्र कलेक्टर अनुराग पांडेय ऐसी रूम तक सीमित नहीं रहे हैं मैदान में दिखे जहां गलत दिखा कठोर नजर आए उस पर कार्रवाई करते भी दिखे हैं तो दूसरी ओर स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ ही क्षेत्र में शांति बनाए रखने की इनकी पहल सराहनीय बताया जा रहा है। 15 अगस्त 2024 से पहले विशेष रिपोर्ट पर मेरी कलम से आज की यहां तस्वीर स्कूल प्रवेश उत्सव पिछला 16 जुलाई 2024 की सुबह 5:30 बजे के बीच की जहां एक तरफ पूरी प्रशासन वर्तमान बीजेपी सरकार की मंत्री केदार कश्यप वा बस्तर सांसद महेश कश्यप का बीजापुर का पहला आगमन एजुकेशन सिटी के कार्यक्रम में होना था। जिसकी तैयारियों में लगा हुआ प्रशासन, एक फोन काल सेे चालू सुबह किरणदूत के प्रतिनिधि यानी मेरे पास एक कॉल आया जिनके लाख मनाने पर भी कुछ बच्चे नहीं मानते कहीं जाने की खबर मिली तब मैं खुद ही सो रहा था पर फोन की घंटी से निंद गायब बताएं पता पर बाईक लेकर निकल पड़ा सुबह से हल्का हल्का बारिश हो रही थी और धनोरा चौक पहुंचा कोई नहीं मिला वहां से भीगते भीगते तोयनार रोड देखते कोतापाल से बीजापुर निकला इसी दौरान रास्ते में मिले दो बच्चे मेरे मनाने पर भी नहीं माने गाड़ी में बैठने को कहाँ छोड देेेेता हूं नहीं मानें, पिछले दिनों के घटनाओं को देखकर या गंभीर लगा जिसकी सूचना मैंने जिले कलेक्टर अनुराग पांडेय को दिया क्योंकि बच्चे कुछ भी मानने को तैयार नहीं थे। एक फोन काल तीन या घंटियां बजा अटेंड किये काल मुझे लगा आवाज से कलेक्टर अभी उठे हैं क्योंकि सुबह के श 5.45 से 6.20 बज रहे थे लगभग घड़ी में उन्होंने कहा आप बस बच्चों से बात करते रहिए उन्हें मेरे पास ला सकते हो मैंने कहा सर मेरी बात नहीं मान रहे उन्होंने फिर कहां कहां पर है बताएं मैं खुद आ जाता हूं। अपनी सुरक्षा की चिंता किए बिना उन्होंने कार को ड्राइव करते हुए एकमात्र व्यक्ति के साथ पहुंचे तोयनार रोड धनोरा के आखिरी आप सोच सकते हैं जिले के कलेक्टर के एक फोन पूरा जिला खड़े हो सकता था पर उन्होंने ऐसा नहीं किया हो भी खुद पहुंच गए जिम्मेदारी निभाने पूछताछ में बच्चों ने पोटाकेबिन से पैदल चोरी चुपेे तोयनार जाने की बात बताया बच्चों को अपने कार में बिठाकर कलेक्टर निवास लेकर आये खुद नाश्ता खिलवाए साथ ही अपने प्लेट की मिठाई भी उन्हें दिए जिद्दी दिखे बच्चों के चेहरे में जो खुशी दिखी वा अपने आप में अलग था। बतौर एक आईएएस अपनी जिम्मेदारी के लिए सुरक्षा की परवाह ना किया हो क्षेत्र का विकास कैसे रूकेगा। बाद में नये बने डीएमसी एम वी राव संभाली इतना ही अगले 15 अगस्त को कुछ नया….



