The government is working on the concept of ‘Sabka Saath, Sabka Vikas, Sabka Vishwas’: Ratnavali Kaushal
मुंगेली जिला से हरजीत भास्कर की रिपोर्ट
नक्सलग्रस्त इलाकों के बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर बनाने में मदद सराहनीय =
मुंगेली – भाजपा नेत्री एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण छग शासन पूर्व सदस्य रत्नावली कौशल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के सबका साथ, सबका विश्वास और सबका विकास की अवधारणा पर चलते हुए काम कर रही है। नक्सल प्रभावित इलाकों के विद्यार्थियों को प्रोफेशनल कोर्सेज की पढ़ाई के लिए ब्याज मुक्त 4 लाख रुपए तक का लोन दिलाने की घोषणा इसका एक बड़ा उदाहरण है।
भाजपा नेत्री रत्नावली कौशल ने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित संभागों और जिलों के कमजोर आर्थिक स्थिति वाले विद्यार्थियों को डॉक्टरी, इंजीनियरिंग, एमबीए, बीएड एमएड, फैशन डिजाइनिंग, इंटीरियर डिजाइनिंग समेत अन्य प्रोफेशनल कोर्सेज करने के लिए संवेदनशील और उच्च शिक्षित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने बिना ब्याज के 4 लाख रुपए तक एजुकेशनल लोन दिलाने का फैसला कर ऐतिहासिक एवं दूरगामी परिणाम देने वाला सराहनीय कदम उठाया है। रत्नावली कौशल ने कहा है कि मुख्यमंत्री साय हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की परिकल्पना – सबका साथ, सबका विश्वास और सबका विकास को धरातल पर उतारने का काम कर रहे। उनके इस ताजा फैसले ने इसे सिद्ध कर दिया है। सुश्री कौशल ने कहा है कि इंटरेस्ट फ्री एजुकेशनल लोन की घोषणा से ज्यादातर अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के गरीब तबके के होनहार युवा साथी लाभान्वित होंगे, उन्हें अपने सपने साकार करने का शानदार अवसर मिलेगा। रत्नावली कौशल ने कहा है कि नक्सल हिंसा से ज्यादातर आदिवासी बाहुल्य जिले बस्तर, कांकेर, कोंडागांव, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, धमतरी, गरियाबंद, सरगुजा, राजनांदगांव, मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़, कवर्धा, जशपुर, कोरिया, बालोद जिले प्रभावित हैं। इनमे से अधिकांश जिलों में आदिवासी समुदाय की आबादी ज्यादा है। वहीं कई जिले अनुसूचित जाति बाहुल्य हैं और पिछड़े तथा सामान्य व ईसाई, मुस्लिम अल्पसंख्यक वर्ग के लोग भी लोग इन जिलों में निवासरत हैं। रत्नावली कौशल ने कहा है कि इन सभी वर्गों के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को इस बहुआयामी योजना का लाभ मिलेगा। कोर्स पूरा करने के बाद ये युवा साथी डॉक्टर, इंजीनियर, वित्तीय संस्थानों में मैनेजर, अधिकारी, फैशन डिजाइनर, इंटीरियर डिजाइनर, प्रोफेसर, शिक्षक, उद्यमी बनकर छत्तीसगढ़ महतारी और भारत माता की सेवा में योगदान दे सकेंगे। इसके साथ ही वे अपने परिवार, समाज की उन्नति में भी हाथ बंटा पाएंगे। रत्नावली कौशल ने बताया कि एजुकेशनल लोन की सबसे अच्छी बात यह होती है कि इसकी अदायगी प्रोफेशन में आने के बाद किश्तों में करनी होती है। इस लिहाज से परिवार को को लोन की कोई चिंता ही नहीं रहेगी।
यही है छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा
भाजपा नेत्री रत्नावली कौशल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साव निर्विकार भाव से छत्तीसगढ़ महतारी और छत्तीसगढ़ के माटी पुत्रों की सेवा कर रहे हैं। अपने मात्र सात माह के शासनकाल में मुख्यमंत्री श्री साय और उनके मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए फैसले और उठाए गए कदम इस सेवा भाव के प्रमाण हैं। सुश्री कौशल ने कहा है कि चार लाख के ब्याज मुक्त एजुकेशन लोन की सबसे बड़ी बात यह है कि इसका लाभ छत्तीसगढ़ के मूल निवासी परिवारों के ही युवाओं को मिलेगा। यहां के मूल निवासी आदिवासी, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग के लोग हैं। इन्ही मूल निवासियों को योजना का लाभ देने का फैसला ही छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा का परिचायक है। रत्नावली ने कहा है कि भाजपा और साय सरकार को अनुसूचित जाति जनजाति और पिछड़ा वर्ग विरोधी बताकर फेक नेरेटिव फैलाने वाली कांग्रेस का चेहरा बेनकाब हो गया है। भाजपा सबका साथ लेकर, सबको विश्वास में लेकर और सबका विकास करने में भरोसा रखती है, तुष्टिकरण की राजनीति नहीं करती। देश के हर समुदाय को एकजुट रखने का काम भाजपा करती आई है, जबकि कांग्रेस व अन्य पार्टियां समुदायों और जातियों में बांटकर देश को तोड़ने में लगी हुई हैं। जातिगत जनगणना की उनकी मांग इन दलों की विभाजनकारी साजिश का हिस्सा है।
सबको राशन, सबकी सुरक्षा
भाजपा नेत्री रत्नावली कौशल ने कहा है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा और खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल भी लगातार जनसेवा में रत हैं। मात्र सात माह में राज्य को नक्सल समस्या से काफी राहत मिली है। सुश्री कौशल ने कहा है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नक्सलवाद के खात्मे के संकल्प को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा पूरी शिद्दत से काम कर रहे हैं। वे लगातार नक्सल प्रभावित गांवों में पहुंचकर वहां के लोगों का विश्वास जीतने, उन्हें सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा, चिकित्सा की सुविधाएं मुहैया कराने में लगे हुए हैं। रत्नावली कौशल ने जानकारी दी है कि सुकमा जिले के घोर नक्सल प्रभावित गांव पूवर्ती में हमारे राज्य के नीडर गृहमंत्री विजय शर्मा दो बार जा चुके हैं। पूवर्ती गांव को नक्सलियों की नर्सरी भी कहा जाता है क्योंकि हिड़मा जैसे कई खतरनाक नक्सली पूवर्ती गांव में ही पैदा हुए हैं। ऐसे गांव में गृहमंत्री का पहुंचना काबिले तारीफ कदम है। रत्नावली कौशल ने कहा है कि हमारे राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयाल दास बघेल भी आदिवासी बाहुल्य एवं नक्सल प्रभावित इलाकों के लोगों के साथ ही प्रदेश के हर गरीब के घर में चूल्हा जले इसकी चिंता करते आ रहे हैं। मंत्री बघेल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सुदूर बीहड़ इलाकों के लोगों तक चावल, गेहूं, शक्कर, गुड़, चना आदि पहुंचा रहे हैं। खाद्य मंत्री श्री बघेल कोई भूखा न सोए इस दिशा में निरंतर लगन पूर्वक काम कर रहे हैं।



