Inspirational tribute to tribal revolutionary Jitendra Sonu Marawi on his death anniversary
कांकेर। ग्राम पंचायत केतका में दिवंगत क्रांतिकारी युवा जितेंद्र सोनू मरावी की पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस कार्यक्रम में जिला युवा प्रभाग अध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता बीपीएस पोया विशेष रूप से उपस्थित थे। उन्होंने मरावी के क्रांतिकारी विचारों और उनकी कविता “मेरा आदिवासी होना ही काफी है मेरी हत्या के लिए” को आज भी समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बताया।
बीपीएस पोया ने कहा कि मरावी की यह कविता आदिवासी समाज को जागरूक करने और संघर्ष के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने मरावी के योगदान को समाज के लिए एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया और कहा कि उनकी कविताएँ और विचार देशभर के आदिवासी समुदाय को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस मौके पर रविशंकर टेकाम, कमलेश प्रकाश मरावी और कौशलेंद्र मरकाम भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। सभी ने मिलकर जितेंद्र सोनू मरावी के स्मृति स्थल पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उनके आदर्शों को जीवित रखने का संकल्प लिया।




