Raised hands for Supa-Kurubhantha road in public darshan
पुसौर / पुसौर विकास खंड के खरसिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सुपा से कुरूभांठा तक के 52 किलोमीटर के रोड निर्माण कार्य पिछले 6 वर्श से प्रारंभ हो चुका है जिसमें रोड चैडा करने के लिये किसानों की जमीन अधिग्रहित किया जाकर उसमें मुआवजा वितरण करना था। उक्त कार्य को संबंधित निर्माण ऐजेन्सी विभाग ने कुछ लोगों को मुआवजा वितरण कर बर्बरिक कंपनी को रोड निर्माण के लिये ठेका दिया गया जिसके द्वारा उक्त 52 कि.मी. के बीच कुछ कुछ जगहों में रोड निर्माण कर दिया गया है बाकि अधुरा पडा हुआ है। इसमें खास कर कोतमरा, पुटकापुरी सहित पुसौर क्षेत्र के दर्जनों ग्राम आते हैं जो इस अधुरे रोड निर्माण के लिये परेषान है चूंकि बने हुये रोड को चैडीकरण के कारण उखाड दी गई जिससे वहां आने जाने सहित कई प्रकार की परेषानी का सामना करना पड रहा है। कोतमरा के सरपंच अमीन पटेल ने अपने पंचायत की राषि से आने जाने लायक वहां कुछ निर्माण करवाने के लिये विवष हुये इसी कडी में अन्य पंचायत के रहवासी परेषान होने के कारण एक डेलीगेषन टीम बिते मंगलवार को कलेक्टर जनदर्षन में आवेदन प्रस्तुत किया जिसमें वहां साफ षब्दों में यह जबाब मिला कि विभाग के पास अभी पैसा नहीं है, आने पर बनेगा। बताया जाता है कि जब उमेष पटेल विधायक रहे उस समय के कार्यकाल में इस रोड की स्वीकृति हुई और उनके मंत्री रहते भी उक्त रोड के निर्माण अपेक्षित विकास नहीं हो पाया जो इस बात की संकेत है कि वाकई विभाग के पास पैसा नहीं है इसलिये रोड निर्माण कार्य आगे नहीं बढ पाया। लेकिन जनता के जेहन में यह सवाल आता है कि सत्ता पक्ष के लोग यदि यह कहे कि विभाग के पास पैसा नहीं है इसलिये काम नहीं हो पा रहा है ऐसे स्थिति साधारणतः किसी के भी मुंह से हंसी निकल जायेगी। जनता के जेहन में यह भी सवाल आ रहा है कि सत्ता भाजपा का है और क्षेत्र में कांग्रेसी विधायक है ऐसे में कहीं कोई पक्षपात तो नहीं? बहरहाल ये सारे सवाल जनता के जेहन में छिपी है और रोड की परेषानियों जुझते हुये इससे कैसे निजात मिले इसके लिये हाथ पाव मार रही है।


