Efforts to snatch away the homes of families affected by leprosy
पुसौर / पुसौर तहसील क्षेत्र अन्तर्गत रायगढ निगम के ग्राम छातामुरा संत विनोबा नंगर वार्ड क्रमांक 34 भी आता है। यहां के 40 परिवार से अधिक मकान बनाकर निवासरत रह रहे लोगों के विरूद्ध तहसील न्यायालय पुसौर में इस आषय से मामला दर्ज किया गया है कि उनका बना हुआ मकान उनका निजी नहीं बल्कि याचिकाकर्ता सुनिल गुप्ता का है जिसके कारण इन्हें अपना आषियाना बचाने आये दिन तहसील कार्यालय पुसौर आना पडता है जबकि यह भूमि आबादी होने से इनके पास मध्यप्रदेष भु राजस्व संहिता 1959 के आधार पर इन्हें 1982 का पट्टा भी प्राप्त हुआ है। इन परिवारों के मुखिया लोगों ने बिते दिनांक तहसील कार्यालय पुसौर परिसर में दहाड दहाड कर बोल रहे थे कि आज 40 साल से हम वहां निवासरत हैं और 2022 में इनके द्वारा हमारा जमीन है बोलकर दावा किया जा रहा है जबकि हमारा यहां एक बस्ती निर्माण हो चुका है और यहां खास कर कुश्ठ पीडित लोग रहते हैं जिन्हें उनके घर से निकाले गये हैं। तहसील कार्यालय परिसर में दषहरी धुप में आधे अधुरे उंगलियों के हाथ पैर वाले लोगों को देख यहां आने जाने वाले लोगों के जहां दिल पसिजे वहीं षासन प्रषासन में बैठे लोगों के साथ ही धनकुबेरों की दिल कैसे नहीं पसीज रहे हैं ये समझ से परे हैं जबकि उस परम सत्ता एवं संविधान ने इन्हें वो ताकत दी है जिसमें कि ये कमजोरों को सलामत कर सकतें हें। अब देखना है 40 साल पहले जिन्हें घर से निकाला गया था और वे बिनोबा नगर कुश्ठ धाम में रह रहे हैं कहीं इन्हें फिर से निकलना तो नहीं पडेगा?


