In Kisda Beladula Dhobani villages, a herd of elephants trampled paddy crops grown in several acres of farmers’ fields.
सरसीवां – बिलाईगढ़ वन विभाग अंतर्गत आने वाले कक्ष क्र .452 के धोबनी गांव में आयें हाथियों के कारण धान के फसलों की तबाही रोजाना बढ़ती जा रही है जहां किसान बेलादुला व धोबनी क्षेत्र के गांवों में पहुंचे हाथियों के दल लगातार धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जहां धोबनी के किसानों से मिलीं जानकारी अनुसार शनिवार की रात लगभग 10, बजे से 11,बजे के दरमियानी रात में 28 हाथियों का झुंड विचरण करते हुए कक्ष क्रमांक 452 में पहुंच गया । जहां हाथियों का दल किसानों के खेत में जा घुसे और खेत में लगे धान के फसलों को रौंद कर बर्बाद कर दिया , जहां धोबनी गांव के किसानों के 25 से 30, एकड़ खेतो में लगे धान के फसलों को नुक़सान पहुंचाते हुए । हाथियों का दल सिद्धा मांडा नरेशनगर तरफ जंगल की ओर आगे बड़ गये। जहां आये हाथियों की कुल संख्या लगभग 28 होगी ।आये हाथियों के दलों में कई हाथियों के शावक भी है । धोबनी के ग्रामीणों द्वारा बताया जा रहा है कि हाथियों का दल लगभग एक हफ्तो से वन परिक्षेत्र नरेश नगर चौंकी के जंगल को विचरण करने का ठिकाना बनाये हुए है और दिन में हाथियों का दल जंगल में विचरण करते रहते हैं।और शाम ढलते ही खाने की तलाश में खेत तरफ आते है। जहां बीती रात अचानक हाथियों का दल धोबनी गांव के बिला नाला पार कर बाडी में लगे केले के पौधो को खाकर बचे पौंधों को भी नुकसान पहुंचाते हुए रौंद दिया उसके बाद धोबनी के किसानों के खेतों को पार करते हुऎ आगे निकल गये । उसी रात में फिर से जिस रास्ते से हाथी गये थे। उसी रास्ते से वापस लौट कर जंगल की ओर निकल गये। खेत में लगे धान के फसल को बहुत नुकसान पहुंचाये है। जहां धोबनी के पीड़ित किसानों ने वन विभाग से मुआवजे की मांग की है।अगर वन विभाग द्वारा हाथियों के दल पर निगरानी रखे तो आज किसानों के 25,से 30, एकड़ खेतो में लगे धान के फ़सल बर्बाद नहीं होते। वहीं धोबनी के ग्रामीणों ने बताया कि वन परिक्षेत्र कक्ष 452,के वीटगाड हमेशा अपनें वन परिक्षेत्र से नदारद रहते हैं ।जहां धोबनी के किसानों का कहना है कि जब भी हाथियों का दल हमारे गांव तरफ आता है वन विभाग द्वारा किसी भी गांवों में मुनादी व हाथी आने की जानकारी नहीं देते हैं आज किसडां बेलादुला व धोबनी वन परिक्षेत्र में 28, हाथियों का दल विचरण कर रहा है जहां धोबनी क्षेत्र के किसानों द्वारा रातों में खेतों के धानों के फसलों को बचाने रखवाली भी कर रहे है। जहां पहुंचे हाथियों के दल द्वारा किसानों के साल के मेहनत से बोये खेतों के धान के फसलों को नुक़सान पहुंचा रहे हैं और किसान भी हाथियों के द्वारा खेत में लगे धान के फसलों को नुक़सान होने व वन विभाग से मुवावजा मिलने की राह देख रहे हैं।लगता है हरदी नरेश नगर किसडा के जंगलों को हाथियों का विचरण क्षेत्र कहा जा रहा है। जहां बेलाडुला वन परिक्षेत्र के गांव के लोग शाम ढलते ही अपने अपने घरों में बाहर नहीं निकलते व घरों में लकड़ी का अलाव जलाये रखते हैं । वहीं धोबनी वन परिक्षेत्र में आये 28, हाथियों के दलों द्वारा किसानों के लगभग 25,से 30, एकड़ धान के फसलों को नुक़सान पहुंचा चुके हैं



