Joining the Lakhpati Didi initiative opened the door for Sharda Markam’s economic activities
बीजापुर@रामचनद्रम एरोला- जिला मुख्यालय से 22 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम रेड्डी की शारदा दीदी विभिन्न आवश्यकता के लिए परिवार पर आश्रित एवं गृहिणी के रूप में सिमटा हुआ उनका दिनचर्या था। वे मुख्य रूप से घरेलू कार्यों में शामिल रहती थी जिससे उन्हें कोई मौद्रिक लाभ नहीं मिल पाता था वे किसी भी वित्तीय आवश्यकता के लिए अपने पति पर आर्थिक रूप से निर्भर थी। लखपति दीदी पहल में जुड़ने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के तहत् लखपति दीदी योजना अंतर्गत बीजापुर विकासखण्ड के रेड्डी ग्राम में शारदा मरकाम जून 2017 में जगृति स्वसहायता समूह में परियोजना से जुड़ी जिसमें सब्जी उत्पादन के लिए उद्यानिकी विभाग से अभिसरण कर प्रशिक्षण प्रदाय कराया गया जिससे ये प्रयास उनके व्यवसाय की सफलता की कुंजी बनी। सब्जी उत्पादन को एक साधन के रूप में लेते हुए 0.50 एकड़ सब्जी खेती तैयार किया गया। जिसमें लगभग 52500 रूपये का प्रति 03 माह में आमदनी प्राप्त हुआ जिसके पश्चात उनके द्वारा वर्तमान में व्यवसाय के रूप में 3 एकड़ में सब्जी की खेती किया जा रहा है जिससे स्थानीय बाजार, आश्रम, पोटाकेबिन एवं सीआरपीएफ कैंप में 30000 से 35000 रूपये प्रति तिमाही विक्रय किया जाता है।
ग्राम में गठित समूहों के संचालन में सहयोग के साथ-साथ महिलाओं को आजीविका गतिविधि के लिये प्रोत्साहित करने के लिये प्रयारत है एवं ग्राम में एक जागरूक महिला के रूप में पहचान बना चुकी है। सब्जी उत्पादन छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण मिशन बिहान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक स्थिति में सुधार को प्रोत्साहित करता है। शारदा मरकाम को आजिविका गतिविधि के लिए सामुदायिक निधि से 20 हजार एवं बैंक लिंकेज के माध्यम से 1 लाख 50 हजार का ऋण भी प्रदाय किया गया। जिससे सफल व्यवसायी बनकर आज शारदा सालाना दो लाख रूपए से ज्यादा का आय अर्जित कर रही है।



