Home Blog छत्तीसगढ़ सरकार का दस हजार करोड़ खा गई मध्यप्रदेश सरकार 

छत्तीसगढ़ सरकार का दस हजार करोड़ खा गई मध्यप्रदेश सरकार 

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कांकेर. । छत्तीसगढ़ पेन्शनर समाज जिला कांकेर के सचिव शिवसिंह भदौरिया ने बताया कि राज्य पुनर्गठन अधिनियम की धारा 46/6 में यह प्रावधान किया गया था कि पेन्शनरों को 76 प्रतिशत मध्यप्रदेश सरकार और 24 प्रतिशत छत्तीसगढ़ सरकार भुगतान करेगी । परन्तु आज पर्यन्त 100 प्रतिशत छत्तीसगढ़ सरकार को अपने पेन्शनरों को भुगतान करना पड़ रहा है । जिससे अभी तक छत्तीसगढ़ सरकार को दस हजार करोड़ का नुकसान हो चुका है ।

राज्य पेन्शनर महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय महामंत्री बीरेन्द्र नामदेव ने इस प्रकरण के बारे में छत्तीसगढ़ सरकार के संज्ञान में लाया गया तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई । कुछ नेताओं ने इस संबंध में अनविज्ञता जाहिर की,कि मुझे पता ही नहीं है ।

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दस हजार करोड़ रु. मध्यप्रदेश सरकार पेन्शनरों का रोककर रखी है । इसको लेकर प्रदेश अध्यक्ष बीरेन्द्र नामदेव ने एक वर्ष के अन्दर क ई मंत्रियों, विधायकों, वित्त मंत्री सभी को ज्ञापन देकर बात संज्ञान में लाई गई है लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है और न ही समाधान के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं ।

शिवसिंह भदौरिया ने बताया कि राज्य पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49/6 को बिलोपित करने के संबंध में भी कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया है जिससे डी.आर. देयतिथि से भुगतान नहीं हो पाता है इसमें प्रावधान के तहत मध्यप्रदेश सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार एक दूसरे से सहमति लेकर .डी.आर.का भुगतान होता है जिससे सहमति लेने में विलंब के कारण देयतिथि से पेन्शनरों को भुगतान नही हो पाता और हर वार सात आठ महीने का नुकशान पेन्शनरों को होता है ।

शिवसिंह भदौरिया ने आगे बताया कि जुलाई 2025 तक 86 महीने के मंहगाई राहत का नुकसान हो चुका है जिसकी राशि करोड़ों में है एक पेन्शनर को दो तीन लाख रु. का नुकसान हो चुका है ।

जबतक राज्यपुनर्गठन अधिनियम की धारा 49/6 बिलोपित नही होती है तबतक पेन्शनरों को नुकसान होता रहेगा । छत्तीसगढ़ सरकार को मध्यप्रदेश सरकार से दस हजार करोड़ रु. लेने और धारा 49/6 को बिलोपित करने के लिए शीघ्र पहल करनी चाहिए ।

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