पुसौर / पुसौर जनपद पंचायत के 88 पंचायतों में स्वच्छता अभियान के तहत हितग्राहियों को निजी षौचालय बनाने वास्ते अनुदान राषि वितरित हुई जिसमें हजारों की संख्या में लोग अपने अपने घरों में षौचालय निर्माण कर संबंधित अनुदान राषि प्राप्त किये हैं वहीं अब भी हजारों की संख्या में ऐसे हितग्राही हैं जो अपना षौचालय बनाने के बाद भी उन्हें उनके षौचालय का राषि प्राप्त नहीं होने से वे आये दिन जनपद कार्यालय का चक्कर काटते रहे हैं। बताया जाता है कि 2015 से हितग्राहीयों के षौचालय के अनुदान राषि अप्राप्त है चूंकि संबंधित राषि में होल्ड लगा हुआ है। यह स्थिति छिछोर उमरिया, बुनगा, गोतमा सहित दर्जनों पंचायतों में है। बिते दिनांक को छिछोर उमरिया निवासी गुलापी गुप्ता नामक 70 वर्शीय बेवा महिला अपने षौचालय के अनुदान राषि के लिये जनपद कार्यालय का चक्कर लगाते हुये मिली। जिसे पुछने पर बताया कि मुझे अपने राषि से निर्माण किये गये षौचालय का अनुदान राषि प्राप्त नहीं हुआ है जबकि मेरे साथ के कई लोगों को मिल चुका है। उक्ताषय पर यहां के सचिव मुरली गुप्ता ने बताया कि खाता में होल्ड लगा है तो मैं क्या कर सकता हूं वहीं एसबीएम में काम कर रहे कर्मचारी ने भी बताया कि यह 2015 का मामला है जो मेरे कार्यकाल के पहले का मैं इसमें क्या कर सकता हूं। इस तरह सब अपना अपना पल्ला झाडते हुये मिले। यहां यह बताना लाजिमी होगा कि खाता होल्ड क्यों हुआ इसकी जिम्मेदारी किसकी है? क्या होल्ड खाता को नहीं खुलवाया जा सकता? इसकी जबाबदेही किसकी है? ये सारे सवाल संबंधित ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत सहित संबंधित विभाग के उपर उठ रहे हैं पता नहीं सबंधित हितग्राहियों को यह राषि मिलेगा या नहीं ? यदि नहीं मिलेगा तो प्रषासन के षिर्शस्थ अधिकारी साफ साफ यह जारी कर दें कि अब एसबीएम की राषि नहीं मिलेगी तो संबंधित हितग्राही क्यों चक्कर लगाते रहेंगे।



