Who will take oath as Pusaur Nagar President: BJP or Congress
पुसौर / तहसील मुख्यालय पुसौर नगर पंचायत गठन के बाद अध्यक्ष के सामान्य महिला सीट पर पहली नगर सरकार 2008-9 में भाजपा की बनी जिसमें 3 प्रत्याषी होने के बावजुद भी भाजपा की इतनी जबरदस्त फिल्डींग रही कि कांग्रेस से दुगने मत प्राप्त कर श्रीमती अयोध्या प्रधान अध्यक्ष बनीं वहीं 11 पार्शद भी भाजपा के बने। दुसरे चुनाव 2014 में भी भाजपा कांग्रेस सहित एक निर्दलीय प्रत्याषी रहा जिसमें भाजपा को कांग्रेस को कुल मिले वोट से लगभग आधा रहा चूंकि निर्दलिय प्रत्याषी को भाजपा के ज्यादातर वोट चले गये जिसमें किषोर कसेर अध्यक्ष बने और मात्र एक पार्शद भाजपा की बनी और 12 पार्शद कांगेस के रहे। उक्त चुनाव के बाद पुसौर में भाजपा के मतदाता बहुत कम आंकी गई जो तीसरा चुनाव आते तक भाजपा खेमे के लोग मतदाता बढाने के साथ साथ पार्शदों की संख्या बढाने की कवायद में जुट गये जिसमें उन्हे सफलता हासिल हुई और भाजपा के 6 पार्शद जीत कर आये जिसमें वार्ड क्रमांक 13 के पार्शद उमेष साव ने सर्वाधिक मतों से जीत दर्ज की वहीं 7 कांग्रेस के पार्शद और 2 निर्दलिय पार्शद चुन कर आये जिन्हें अध्यक्ष का चुनाव करना था चूंकि कांग्रेस सरकार द्वारा पार्शदों के जरिये अध्यक्ष का चुनाव करने का फरमान रहा। दोनों राजनीतिक दल अध्यक्ष बनाने की कवायद किये जिसमें कांग्रेस ने बाजी मार लिया और रितेष थवाईत अध्यक्ष बने। अब चैथा चुनाव फिर से अध्यक्ष का सीट सामान्य महिला है और सीधा जनता द्वारा अध्यक्ष का चुनाव होना है जिसमें दोनों दल के निगाहें टिकी हुई है वहीं पुर्व अध्यक्ष टिकिट के रेस में अपना भाग्य अजमा रहे हैं भाजपा की ओर से अध्यक्ष के 4 दावेदार बताया जा रहा है जो पार्टी के आदेष को सर्वोपरी भी मान रहे हैं बावजुद इसके ये पार्टी के उच्चाधिकारियों के समक्ष अपनी अपनी अभ्यावेदन प्रस्तुत करने के तैयारी में हैं। जानकारों की माने तो नगर पंचायत में अधिकतर पार्शदों के साथ साथ अध्यक्ष भी अपनी पार्टी का हो इसलिये भाजपा कांगेस दोनों अपने अपने ढंग से अपने पार्टी के बीच तथा मतदाताओं से सीधा भी रायषुमारी कर रहे हैं। भाजपा से जिन 4 लोगों का सामने आ रहा है वे अपनी आपसी तालमेल बिठाने के साथ ही अपने हाईकमान के कान मे डाल दिया है अब हाई कमान किस पर मुहर लगायेगी ये बाद में ही पता चलेगा। कांग्रेस के दोनों पुर्व अध्यक्ष के साथ साथ 2 नाम और है जो बहरहाल सार्वजनिक नहीं हुआ है हो सकता है कांग्रेस का हाईकमान बेलेंस बनाने तीसरा या चैंथा को उम्मीदवारी दे दे। ये तो पार्टी और दावेदारी की बात हो गई लेकिन पुसौर की जनता क्या चाहती है और किन मुद्दो को लेकर ये दोनों पार्टी के अध्यक्ष व पार्शद प्रत्याषी गण इनके पास पहुंचेंगे इस पर यदि रोषनी डाला जाये तो अब तक खास पैमाने में कोई खरा नहीं उतर पाया है बावजुद इसके पुसौर की जनता संबंधो और तात्कालीक नफा नुकसान को देखते हुये वोटींग करती रही है और प्रत्याषी अपने किस्मत और मेनेजमेंट के बलबुते जीत हार हासिल कर रहे हैं। यहां यह बताना लाजिमी होगा दलीय आधार पर चुनाव 2008 से हो रहा है और इस बीच केवल एक बार प्रदेष में कांग्रेस की सरकार रही जिसमें पुसौर नगर पंचायत में 2 बार कांग्रेस के अध्यक्ष बने। भाजपा खेमे में बहरहाल यह उल्लासमय वातावरण बना हुआ है कि सामान्य महिला सीट होने पर पुसौर में भाजपा की सरकार बनती है और बिते विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से दुगुनी वोट हासिल किया था वहीं मंत्री ओपी जो हैं जो भाजपा के वैतरणी पार लगाने में हर संभव प्रयास करेंगे। इस तथ्य पर नेता प्रतिपक्ष उमेष साव का कहना है कि पुसौर में भाजपा कभी नहीं हारी है गुटीय राजनीति की वजह से इसे हार का सामना पडता रहा है।


