Swachhata Abhiyan reaches new heights: A joint initiative of the administration and the community
सतीश शुक्ला लैलूंगा
माननीय नगरीय प्रशासन मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री के निर्देशानुसार नगर में सफाई व्यवस्था को सुधारने और इसे टिकाऊ बनाने के लिए अनेक प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य सरकार की “मिशन क्लीन सिटी” योजना के तहत स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) में स्व सहायता समूहों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित की गई है।
स्व सहायता समूहों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रोत्साहन के रूप में समय पर मानदेय प्रदान किया जा रहा है। मनी कंचन केंद्र के माध्यम से गीले और सूखे कचरे का पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) कर उसे बाजार में बेचा जा रहा है। इस पहल से समूहों को 17.5 लाख रुपये की वार्षिक आय हो रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है और उनके परिवारों में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
इसके अलावा, स्व सहायता समूहों द्वारा तैयार की गई जैविक खाद को भी स्थानीय बाजार में बेचा जा रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता दोनों को बढ़ावा मिल रहा है। वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण भी नियमित रूप से किया जा रहा है, जिससे सफाई व्यवस्था में सुधार हुआ है।
*डिजिटल नवाचार और नागरिक सहभागिता*
प्रशासन ने नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए “निदान 1100” और स्वच्छता ऐप जैसे डिजिटल माध्यमों को लागू किया है। नागरिक अब इन माध्यमों का उपयोग कर अपनी समस्याएं आसानी से दर्ज कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त, “RRR सेंटर” (Reduce, Reuse, Recycle) के माध्यम से स्वच्छता और पुनर्चक्रण को बढ़ावा दिया जा रहा है। निर्माण और ध्वंस सामग्री के प्रबंधन के लिए विशेष C&D सेंटर भी स्थापित किए गए हैं।
*स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग का लक्ष्य*
नगर प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग दिलाने में अपना सहयोग दें। स्वच्छता को बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयासों को प्राथमिकता दी जा रही है।
यह संयुक्त प्रयास न केवल नगर को स्वच्छ और स्वस्थ बना रहा है, बल्कि समुदाय को आत्मनिर्भरता और जागरूकता की ओर ले जा रहा है।



