The gate of MNREGA office was not opened till 11 o’clock and only 2 employees were present in the district.
पुसौर /जिला मुख्यालय में जहां सरकारी काम को निपटाने 10 बजे कर्मचारी गण नही आने पर जांच की जा रही है और अनुपस्थित रहने पर उनका स्पष्टीकरण लेते हुए सी एल चढ़ाया जा रहा है साथ ही ताकीद की जा रही है कि समय पर आएं अन्यथा अनुशासनाकात्मक कार्यवाही होगी वही जनपद कार्यालय पुसौर का बिते षुक्रवार कोमनरेगा साइड का कार्यालय का फाटक 11 बजे खुला और जनपद के समूचे कार्यालय में 10.30 बजे कंप्यूटर आपरेटर रोहित पाव पीएम आवास के बद्री पटेल और सहायक सुरेश चौहान ही पाए गए। सीईओ अभिषेक बनर्जी के संबंध में किसी ने बताया कि छूटी में है, किसी ने बताया दौरे पर है। इस तथ्य की पुष्टि सहायक सीईओ कुलमित्र जी से फोन के जरिए की गई चूंकि ये भी ऑफिस नही पहुंचे थे जिन्होंने दोनो जानकारी से अनभिज्ञ होने का हवाला दिया। जनपद के ऊपर के कार्यालय में विहान श्रम विभाग आर ई एस के इंजीनियर का कार्यालय सहित अन्य शाखा कार्यालय हैं जहा दर्जन भर से अधिक कर्मचारी पदस्थ हैं जो अनुपस्थित रहे। मनरेगा ऑफिस साइड में आर ई एस पंचायत के अधिकारियों तथा तकनीकी सहायको व कंप्यूटर आपरेटर काम करते हैं जो कुल मिलाकर 30 की संख्या में हो सकते हैं वो भी नहीं आए थे। यहां ये बताना लाजिमी होगा कि निर्वाचन कार्य को लेकर कलेक्टर दर के कुछ कर्मचारी देर रात तक काम करते हैं जिनका कार्यालयीन समय 10 बजे उपस्थित होना संभव नहीं है लेकिन शेष अन्य कर्मचारियोंका उक्त समय पर उपस्थित नही होना निश्चय ही लापरवाही और कार्य के प्रति उपेक्षा जरूर समझा जा सकता है। ज्ञात हो कि कई कर्मचारी जिसमे खास कर करारोपन अधिकारी व अन्य लोग है जो साइड में दौरा करने की बात कह कर कभी 12 बजे आते है या वो हप्ते में कभी कभी दिखते हैं। जिला प्रमुख मुख्यालय के कार्यालयों में नकेल तो कस सकते हैं लेकिन तहसील और जनपद स्तर पर किसके द्वारा नकेल कसी जायेगी ताकि नियमित रूप से कार्यालय संचालन हो और लोगो को इधर उधर भटकना न पड़े इसके लिए शासन स्तर के नेताओ को समझकर क्रियान्वित करने की जरूरत है।



