Sarpanch and all Panchs in Parsapali were unopposed, Jinita Jena became Sarpanch
पुसौर / पुसौर जनपद क्षेत्र के महानदी के किनारे का ग्राम पंचायत परसापाली के लोगों ने लगभग 30 वर्श पुर्व के इतिहास को दोहरा दिया और आपसी भाईचारा निभाते हुये चुनाव न कराने के अपिल पर यहां सभी पंच निर्विरोध बने एवं सरपंच श्रीमती जीनीता उमेष जेना को निर्वाचित किया गया। नामांकन दिवस के अंतिम दिनांक पर भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता सुरेन्द्र जेना के मार्गदर्षन पर परसापाली ग्राम पंचायत के लोग पुर्व सरपंच घुराउ गढवाल के अगुवाई में नामांकन स्थल ग्राम पंचायत कार्यालय गोतमा पहुंचे जहां पता चला कि परसापाली पंचायत के किसी व्यक्ति द्वारा पंच एवं सरपंच के लिये नामांकन प्रस्तुत नहीं किया है। ज्ञात हो कि चुनाव में आपसी भाई चारा खराब होने के साथ साथ प्रत्याषियों के लाखों रूप्ये खर्च हो जाते हैं इससे बचने के लिये परसापाली व चंघोरी ग्राम के लोगों ने सुरेन्द्र जेना सहित प्रबुद्ध लोगों के उपस्थिति में बैठक किये और एक मत से पंच एवं सरपंच का चुनाव कर लिया। इसके बाद भी उक्त ग्राम का कोई व्यक्ति चोरी छुपे षायद कोई नामांकन भर दिया होगा इसकी जानकारी लेने समुचे लोग गोतमा पहुंचे जहां पता चला कि किसी ने नामांकन नहीं डाला है इससे इस तथ्य की पुश्टी हुई कि सारे पंच एवं सरपंच निर्विरोध रूप से निर्वाचित हो चुके हैं हालाकि इसकी निर्वाचन विभाग द्वारा इससे जुडे कोई दस्तावेज नहीं दी गई है। निर्विरोध सरपंच पंच बनने की उत्साह में गोतमा चैक के सारे होटलों में रहे मिठाईयों को खरीदकर नव पंचायत पदाधिकारी सहित वहां के आम लोगों ने बांटकर खुषी का इजहार किये हैं।



