Voters of the most sensitive areas expressed faith in democracy and voted in large numbers
बुलेट के बजाय बैलेट पर जताया भरोसा
स्थानीय सरकार चुनने मतदाताओं का लगा तांता
त्रिस्तरीय आम निर्वाचन 2025
उत्तर बस्तर कांकेर 23 फरवरी 2025/ त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2025 के तहत जिले में तीसरे और अंतिम चरण का मतदान आज जनपद पंचायत अंतागढ़ और कोयलीबेडा हुआ, जहां स्थानीय सरकार का चुनाव करने ग्रामीण मतदाताओं में होड़ लगी रही। युवा वर्ग ही नहीं, बड़े बुजुर्ग, निशक्तजन और महिला मतदाताओं में भी मतदान करने पोलिंग बूथों में लंबी कतारें सुबह से ही देखने को मिली। कहीं पर महिलाएं अपने बच्चे को गोद में लिए, तो कहीं उम्रदराज मतदाताओं को सहारा देकर मतदान केंद्रों में लाते नजर आए। इसी क्रम में आज अंतागढ़ विकासखण्ड के ग्राम लामकन्हार निवासी 60 वर्षीय श्रीमती रतनी बाई, 58 वर्षीय परमेश्वरी धनेलिया सहित सरिता पोटाई, नरोतीन दुग्गा, बंसु दुग्गा, बीना दुग्गा, मानबती दुग्गा, दायरो कावड़े, रामबती गावड़े़, 58 वर्षीय पार्वती उइके ने भी अपने मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जिन इलाकों में सिर्फ भय और आतंक का बोलबाला था, उन गांवों में ग्रामीण मतदाताओं ने लोकतंत्र पर गहरी आस्था जताते हुए बुलेट की जगह बैलेट का रास्ता अपनाया। वोट देने आए मतदाताओं ने कहा कि ग्रामीण अब शांति और सुकून चाहते हैं और लोकतंत्र ही सर्वमान्य है। इसीलिए अपने गांव की सरकार चुनने वे वोट डालने आए हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पोडगांव के पहली बार वोट देने आए युवक सचिन गजबिये ने भी अपना मताधिकार का प्रयोग करते हुए कहा कि इससे पहले वह कभी वोट नहीं किया था, आज स्थानीय जनप्रतिनिधियों को चुनने का मौका मिला तो बहुत उत्साहित होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने चला आया।
दुधमुंहे बच्चों को लेकर माताएं पहुंची मतदान केंद्र – त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2025 के तहत मतदान केंद्रों में अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए माताएं अपनी दुधमुंहे बच्चों को लेकर पहुंची। कोयलीबेडा के अति संवेदनशील क्षेत्र के मतदान केंद्र क्रमांक 94 तुरसानी निवासी श्रीमती जनवरी ने अपनी 03 माह के दुधमुंहे बच्ची को लेकर उत्साहपूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसी प्रकार मतदान केंद्र क्रमांक 86 और 87 सुलंगी में श्रीमती ममता उईके ने अपनी 03 माह के छोटी सी बच्ची को लेकर मतदान किया, साथ ही श्रीमती रामेश्वरी, रमिला, रेशमी नेताम ने भी अपने दुधमुंहे बच्चों के साथ लोकतंत्र के इस माह पर्व में हिस्सा लेकर अपनी भागीदारी निभाई।



