A young man died after coming in contact with a live wire while he was a hunter; the accused burnt the body to hide evidence
धोबनी – सारंगढ़ बिलाईगढ़ के जिले में एक रहस्यमई घटना सामने आई है। बेलादुला चौकी अंतर्गत बैंगपाली निवासी मनोज साहू का 20 दिनों बाद मानव कंकाल और जला हुआ हड्डी मिला है। जिसको पुलिस ने जप्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। और इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की जांच कार्यवाही की जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार युवक मनोज साहू 5 फरवरी सुबह 4 बजे से लापता होने की सूचना परिजनों ने पुलिस चौकी बेलादुला को दी इसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल जांच शुरू की। जांच के दौरान जंगल में खून के धब्बे और तीन लकड़ी के डंडे मिले जिसमें भी खून सना हुआ था। मौके पर डाक स्क्वायड एवं फॉरेंसिक की टीम बुलाया गया और उनकी भी जांच की मदद ली गई लेकिन युवक का कहीं आता-पता नहीं चला।
20 दिन बीत जाने के बाद मुखबिर की सूचना पर चार संदेह को पुलिस नहीं हिरासत में लेकर पूछताछ किया तब आरोपियों ने बताया कि उनके द्वारा दिनांक 05/02/2025 को रात्रि करीब 12:00 बजे अपने गांव तेंदुदरहा के खेत में जंगली सूअर के शिकार करने हेतु सरिया बांधने वाली लोहे की तार में विद्युत करंट लगाए थे। लगभग 4:00 बजे तार में किसी का फंसने से चिंगारी निकला तब विद्युत करंट को निकाल कर जाकर देखने पर एक आदमी फंसकर मर गया था। तब डर से लाश को छुपाने के लिए मृतक को आरोपी राजेश सिंह नेताम के ट्रैक्टर ट्राली में डालकर ग्राम चारपाली से बोडा रोड चिलमघाटी के पास रोड किनारे के खेत में रख कर पैरा में शव को डालकर आग लगाकर आरोपी अपने घर वापस आ गये।
तथा दूसरे दिन आरोपियों द्वारा मोटरसाइकिल से जाकर लकड़ी डालकर पूरी तरह से लाश को जला देना बताए जाने पर आरोपी के मेमोरेण्डम कथन के आधार पर मौका ग्राम चारपाली से बोडा रोड चिलमघाटी के पास ग्राम पीरदा निवासी शांति भाई बिंझवार का खेत में जाकर तस्दीक करने पर जला हुआ पैरा के अंदर मानव कंकाल एवं हड्डी जले हुए स्थिति में पाए जाने तथा गुम इंसान मनोज कुमार साहू द्वारा पहने हुए चूड़ा का हिस्सा मिलने पर सभी साक्ष्य को जप्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
वहीं चारों आरोपियों राजेश सिंह नेताम ,गौरसिंह सिदार, भानु सिंह नेताम ,और चैनन सिंह जगत सभी तेंदूदरहा निवासी हैं। औऱ गिरफ्तार हो चुके हैं। घटना में प्रयुक्त ट्रैक्टर एवं अन्य सामान की भी जब्ती की कार्यवाही जारी है।
जंगल में मिले खून के धब्बे और डंडे में मिले खून आखिर किसका?
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मृतक अपने गांव बैंगपाली से रात में अपने प्रेमीका से मिलने तेंदुदरहा गांव गया था। वापस लौटने के दौरान वह शिकार के लिए लगाए गए करंट ( बिजली )की चपेट में आ गया ऐसे में मृतको के परिजनों का कहना है, कि युवका के साथ हुए असली घटना को छुपाने का प्रयास किया जा रहा है। आखिरकार जांच के दौरान जंगल में मिले खून के धब्बे और तीन नग डंडों में मिले खून किसका है ? यह सबसे बड़ा सवाल है। क्या युवक के साथ कुछ दूसरा घटना घटा है ? क्या इसी डंडे से युवक की हत्या हुई है ? क्या जंगल में मिले खून के धब्बे युवक के हैं ? या किसी और के हैं। इसकी भी जांच होना अति आवश्यक है ताकि परिजनों को न्याय मिल सके।



