History created by electing women Panch-Sarpanch unopposed, an example of empowerment
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष लेख
ग्राम रनई: जब महिलाओं ने खुद संभाली पंचायत की बागडोर
रायपुर / कोरिया जिले को प्रकृति ने भरपूर प्यार दिया है। यहाँ की वादियां खूबसूरत है और तन-मन को अपनी ओर आकर्षित करने की अदभुत क्षमता है। लेकिन आज हम जिले के एक ऐसे गांव के बारे में जिक्र करने जा रहे हैं, जो समाज व परिवार की सबसे महत्वपूर्ण हिस्से हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर एक विशेष रिपोर्टिंग!
कोरिया जिले का ग्राम रनई इस बार के पंचायत चुनाव में एक नया इतिहास रचने में सफल रहा। यहां न केवल पंच-सरपंच निर्विरोध चुने गए, बल्कि खास बात यह रही कि ग्रामवासियों की सर्वसम्मति से पंचायत की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं को सौंपी गई। यह गांव महिला सशक्तीकरण की नई मिसाल पेश कर रहा है, जहां सरपंच सहित सभी 15 वार्डों की पंच महिलाएं हैं।
महिला नेतृत्व की ओर बढ़ता गांव
बैकुंठपुर विकासखंड से मात्र 15-16 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम रनई की आबादी करीब 1800-1900 है। वर्षों से चली आ रही निर्विरोध चुनाव की परंपरा को इस बार भी कायम रखते हुए इस बार ग्रामीणों ने सभी पदों पर महिलाओं को निर्विरोध चुना है। दसवीं तक शिक्षित गांव की नव-निर्वाचित सरपंच श्रीमती बबीता ठाकुरिया ने बताया कि वे गांव की मूलभूत समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका पहला लक्ष्य महिलाओं के लिए स्नानघर और शौचालय का निर्माण कराना है, ताकि स्वच्छता और सुविधा को बढ़ावा दिया जा सके।
महिलाओं की प्राथमिकताएं और संकल्प
वार्ड पंच श्रीमती गीता शुक्ला और श्रीमती आशा दुबे ने बताया कि गांव में सार्वजनिक महिला शौचालय का निर्माण कराया जाएगा और पीने के पानी की समस्या को हल करने की दिशा में काम किया जाएगा। भूजल स्तर काफी नीचे होने के कारण बोरवेल से पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिसके लिए पंचायत समुचित समाधान निकालेगी।
इसके अलावा, निर्विरोध चुनी गईं अन्य महिला पंच श्रीमती सोनकुंवर, श्रीमती शशि, श्रीमती उपासना, श्रीमती श्यामबती, श्रीमती लीला, श्रीमती राधा साहू, श्रीमती लता, श्रीमती सुमित्रा पटेल, श्रीमती वेदमती, श्रीमती ज्योति, श्रीमती हीरामनी, श्रीमती चन्द्रमणि ने संकल्प लिया है कि वे गांव के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएंगी और वार्डवासियों के सुख-दुख में हमेशा उनके साथ खड़ी रहेंगी।
शराब और नशे के खिलाफ मुहिम
गांव की महिलाओं ने एक और क्रांतिकारी निर्णय लेने की बात कही। पंचायत की सभी महिलाएं एकजुट होकर शराब और अन्य मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों को लेकर जन-जागरूकता फैलाएंगी, जिससे समाज को इस बुराई से बचाया जा सके।
महिला शक्ति का प्रेरणादायक उदाहरण
ग्राम रनई का यह ऐतिहासिक निर्णय न केवल महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह पूरे जिले और प्रदेश के अन्य गांवों के लिए प्रेरणास्रोत भी बनेगा। जब महिलाएं स्वयं निर्णय लेती हैं और नेतृत्व की जिम्मेदारी उठाती हैं, तो बदलाव की राह स्वतः प्रशस्त होती है।
महिलाओं का सम्मान और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें
कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी ने कहा कि ग्राम रनई की यह उपलब्धि समस्त समाज को यह संदेश देती है कि महिलाएं जब ठान लें, तो हर बाधा को पार कर एक नए युग की शुरुआत कर सकती हैं, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सभी को बधाई देते हुए कहा कि ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जो महिलाएं नहीं कर सकती। इसलिए महिलाओं को अवसर की दरकार है और हम सबकी जिम्मेदारी है कि प्रत्येक महिलाओं का सम्मान करें और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।




