Home Blog सीएसआर में सत्रह साल सेवा देकर सेवा निवृत्त हुये पुर्णेन्दु

सीएसआर में सत्रह साल सेवा देकर सेवा निवृत्त हुये पुर्णेन्दु

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Purnendu retired after serving seventeen years in CSR.

पुसौर / सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत जन जन से हुआ लगाव, पदोन्नति को भी ठुकराते हुये लोगों से जुडकर किया कंपनी का काम, सेवा निवृत्ति के अवसर पर कहा कि छत्तीसगढिया सबसे बढिया, कई कलिग के आंखे नम हुई तो कईयों ने कहा इनका स्थान अतुलनिय और कहा नाम के साथ गुण भी।
युं तो एक समय के बाद सबको अपने अपने कत्र्तव्यों को हस्तान्तरण करना पडता है इसे नियति कहें या व्यवस्था जिसमें प्रकृति और प्रवृत्ति दोनों प्रभावी होते हैं लेकिन अडानी में कार्यरत रहे पुर्णेन्दु कुमार के कार्यषैली और क्षेत्र के लोगों से गहरे लगाव तथा इनके काम के प्रति दक्षता के संदर्भ में लोगों का मानना है कि इन्हें भले ही कंपनी सेवा निवृत्ति मान सकता है लेकिन हम नहीं मान सकते और उनसे बतौर बडे भाई के हैसियत से मार्गदर्षन और काम लेते रहेंगे। इस तरह के तथ्यों के साथ बिते 1 अप्रेल को कोडातराई के सांस्कृतिक भवन में अडानी के सीएसआर विभाग में वरिश्ठ प्रबंधक के पद कार्य किये पुर्णेन्दु कुमार का भावभीनी सेवा निवृत्ति कार्यक्रम आयोजित हुआ। जानकारी के मुताविक औपचारिक रूप से कंपनी कार्यालय में सेवानिवृत्ति कार्यक्रम संपन्न होने के बाद इन्हें सरप्राईज देने इनके ही क्षेत्र के सारे चहेतों को निमंत्रित कर अलग से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें षाम को सभी लोगों के आ जाने के बाद उन्हें उनके घर से सम्मान लाया गया। एकाएक सभी को देखकर पुर्णेन्दु जी ने गदगद हुये और सभी से बारी बारी से गले मिलकर कुषल क्षेम पुछा। इसी कडी में सभा कक्ष में विदाई समारोह लिखे उनके तैलीय चित्र को देखकर मंत्रमुग्ध हुये जहां सभी लोग बैठकर अपने अपने बितायें हुये पल को साझा किया। इस अवसर जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी जीवन पटेल, पुर्व जिला पंचायत सदस्य आकाष मिश्रा, पुर्व जनपद उपाध्यक्ष पंचानन गुप्ता, जनपद सदस्य राजकुमार छत्तर, युवा कांगेस के योगेष चैहान, उमाषंकर पटेल सहित खरसिया विधानसभा क्षेत्र के दर्जनों जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य गण उपस्थित रहे। बता दें कि ये 2008 से तात्कालीन छोटेभंडार स्थित कोरबावेस्ट पावर प्लांट में सीएसआर हेड के रूप में कार्य कर रहे थे इसके बाद उक्त कंपनी अडानी को हैण्डओभर होने के बाद भी ये इसी पद पर कार्यरत रहे। इस बिच इन्हें पदोन्नति का अवसर मिला लेकिन पुसौर क्षेत्र से गहरे लगाव की वजह से उसे लेने से इंकार किया और यही सेवा निवृत्ति हुये। मंच में इन्हौने मुख्य अतिथि की आसदी से लोगों के आग्रह पर अपने परिचय को लेकर बताया कि इन्हौने 1988 में देष के प्रतिश्ठित संस्थान जेवियर इंस्ट्यिुट आफ सोषल सर्विस, राची से ग्रामीण विकास प्रबंधन में स्नातकोत्तर करने के बाद अंतराराश्ट््रीय संस्थान कैथलिक रिलिफ सर्विस एव ंकेयर इंडिया के विभिन्न युएसएड परियोजनाओं में झारखंड एवं बिहार राज्य में लगभग 20 वर्शो तक विकास के कार्य को अंजाम तक पहुंचाया और इसके बाद 2008 से पुसौर में आया। और अब यहां रायगढ में अपने दो बच्चों व पत्नि के साथ आजीवन रहने के इरादे से हूं चुंकि आप लोगों से लगाव जो है। मंच में इनके एक कलिग ने कहा कि पुर्णेन्दु नाम का व्यक्ति षायद जिले में कहीं नहीं है यथा नाम यथा गुण के आधार पर इनका व्यक्तित्व है विपरित परिस्थितियों में भी मामलों को सुलझाते हुये हंसमुख रहना इनके फितरत में रहा है जो षायद बिरलों को ही मिलता है। पुर्णेन्दु का अर्थ पुर्ण चांद अर्थात पुर्णिमा है जहां से गिनती प्रारंभ भी होती है और अंत भी। इस तरह के तमाम उदगार प्रस्तुत करने के बाद अंत में सहभोज के साथ भेंट देते हुये कार्यक्रम की समाप्ति हुई।

Ro.No - 13672/156

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