Due to the promptness of the police and the honesty of the vegetable vendor, the retired railway employee got back his ₹50,000
रायगढ़ । संजय मार्केट में हुई एक संवेदनशील घटना ने पुलिस की सतर्कता और आम नागरिक की ईमानदारी का अद्भुत उदाहरण पेश किया। ग्राम पतरापाली (पूर्व) कोतरलिया निवासी 85 वर्षीय रिटायर्ड रेलवेकर्मी मिलन दास की पेंशन की ₹50,000 की रकम गुम हो गई थी, जिसे एक ईमानदार सब्जी विक्रेता ने लौटा दिया। पुलिस की सक्रियता और दुकानदार की नैतिकता ने यह सुनिश्चित किया कि पीड़ित को उसका पैसा सुरक्षित वापस मिले।
गुरुवार दोपहर लगभग 12 बजे मिलन दास थाना कोतवाली रायगढ़ पहुंचे और बताया कि उन्होंने सुबह केवड़ाबाड़ी बैंक से अपनी पेंशन की राशि निकाली थी, जिसे संजय मार्केट में सब्जी खरीदते समय कहीं भूल गए। थाना प्रभारी सुखनंदन पटेल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया और पेट्रोलिंग टीम को मिलन दास के साथ खोजबीन में लगाया।
पेट्रोलिंग टीम के आरक्षक जगन्नाथ साहू और गोविंद पटेल ने पीड़ित से उनकी दिनभर की गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली और संभावित स्थानों पर तलाशी शुरू की। जांच के दौरान एक सब्जी दुकान में सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ मिला, जिसकी फुटेज से यह स्पष्ट हुआ कि मिलन दास थैला लेकर आगे बढ़े थे। पुलिस ने बाजार के अन्य दुकानदारों से भी अपील की कि अगर किसी को कोई संदिग्ध सामान मिला हो, तो तुरंत सूचना दें।
इसी दौरान, सब्जी विक्रेता अभिषेक कुमार साहू, 30 साल (निवासी बरकपुर, जिला सारण, बिहार) ने पुलिस को बताया कि एक बुजुर्ग ग्राहक उनके यहां सब्जी खरीदते समय थैला भूल गए थे। जब उन्होंने थैले को खोला तो उसमें नकदी देखकर वे बुजुर्ग के लौटने का इंतजार कर रहे थे। पुलिस की मौजूदगी में उन्होंने पूरा पैसा मिलन दास को लौटा दिया।
इस ईमानदारी और पुलिस की तत्परता को देखकर अन्य सब्जी विक्रेताओं ने भी अभिषेक कुमार की प्रशंसा की। मिलन दास ने आभार प्रकट करते हुए खुशी जाहिर की और पुलिसकर्मियों को इनाम देना चाहा, लेकिन उन्होंने इसे अपना कर्तव्य बताते हुए विनम्रता से अस्वीकार कर दिया और अपनी ड्यूटी पर लौट गए।
यह घटना पुलिस की मुस्तैदी और नागरिकों की ईमानदारी का बेहतरीन उदाहरण है। कोतवाली पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि सतर्कता और ईमानदारी से किसी भी समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।



