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दूध मूही बच्ची मंगली गोली से मौत मामला, समय के साथ रैली का लिया रूप मुख्यालय से पहले गोरना रोड में रोका पुलिस

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बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – जिले में नए वर्ष की शुरुआत में 1 जनवरी 2024 को गंगालूर क्षेत्र अंतर्गत आने वाली पीडिया ग्राम पंचायत का आधार क्षेत्र मध्दवेण्डी कावड़ गांव से लगा क्षेत्र में गोली कांड जिसमें 6 मां की मासूम बच्ची मंगली की मौत हुआ तो मां मासे हुई घायल। जिस पर पुलिस ने क्राॅस फायरिंग में नक्सली की गोली से मौत बताया तो नक्सलियों ने भी पलटवार करते प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पुलिस की गोली बताया। दोनों के आरोप प्रत्यारोप के बाद अब जांच पर टिका है सबकी नजर। इसकी खबर लगते ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जांच दलगठित किया, जिसकी टीम भी पिछले दिनों हो गांव की ओर गए पर गांव में नहीं पहुंच पाए पुलिस ने रोक दिया सुरक्षा कारणों से वही विधायक कावड़ गांव में ही ग्रामीणों से किया चर्चा। वही मीडिया के माध्यम से ग्राउंड जोरो की तस्वीरें भी सामने आए। आरोप पुलिस पर लगा कि दोनों बच्ची और मा से सभी को दूर रखा गया बाद में सुरक्षा दृष्टि से दूर रखने की बात निकली। कुछ दिनों की इलाज कर मंगली सोढी की मां मासे को छोड़ दिया गया। तब से मामला और गर्माया हुआ है, शिकायत के साथ ही अपनी पीड़ा बताने मृतक बच्ची मंगली के मां-पिता के साथ मूलवासी मंच व सामाजिक कार्यकर्ता बेला बटिया वह सोनी सोरी के नेतृत्व गोरना मनकेली सड़क से होते जिला मुख्यालय की ओर दोपहर हजारों की तादाद में ग्रामीण पहुंचे जिसकी सूचना पुलिस को लगाते ही पुलिस ने मुख्यालय से डेढ़ से 2 किलोमीटर दूर ही रैली वालों को रोक दिया । इस दौरान भारी संख्या में पुलिस के अधिकारी , प्रशासन के प्रतिनिधि मंडल जिसमें तहसीलदार व एसडीएम पटवारी आर आई मौजूद थे। रैली के ग्रामीणों और मां का साफ कहना है कि वह जिले के कलेक्टर से मिलकर ही शिकायत वह आपबीती के साथ ज्ञापन सौंपेंगे उसके अलावा किसी को भी नहीं सौंपेंगे और उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में भी कहीं शिकायत होती रही जिस पर ना तो एफआईआर हुई ना तो अब तक दोषियों पर कार्रवाई । इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी दिलीप उईके समझने की कोशिश की लोगों को पर कोई भी समझने को तैयार नहीं था, वही तहसीलदार दुकालू राम ध्रुव भी समझाने की कोशिश की पर उनकी भी बात नहीं माने । वहीं शाम तक लोग वहीं पर रहे । मीडिया में बयान लेने के बाद शाम को खबर मिला की लिखित में देने पर पुलिस के द्वारा परेशान नहीं करेंगे तो मूलवासी बचाओ मंच आंदोलन स्थल गोरना वापस लौटे रैली के लोग। इस दौरान बस्तर से आए छात्र नेता और अन्य लोग भी रहे मौजूद।

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