Savitri offering to 11 boys in collective Upanayan ceremony
पुसौर / तहसील मुख्यालय पुसौर में पिछले कई वर्शो से उत्कल ब्राम्हण सेवा समिति द्वारा सामुहिक उपनयन संस्कार का आयोजन होता रहा है जिसमें पुसौर क्षेत्र ही नहीं बल्कि आसपास के समीपवर्ती क्षेत्रों से भी ब्राम्हण पुत्र इसमें षामिल होकर इसका लाभ लेते रहे हैं। इस वर्श का आयोजन उत्कल ब्राम्हण समिति के अध्यक्ष अक्षय कुमार सतपथी सहित अन्य पदाधिकारी विकास होता, सुधीर षर्मा, हेमसागर शडंगी आदि के सम्यक भागीदारी व उपनयन कार्यक्रम के अध्यक्ष मोहित सतपथी के मार्गदर्षन में 11 बटुकों का उपनयन संस्कार संपन्न हुआ। उक्त कार्यक्रम में प्रधान आचार्य की भुमिका में क्षेत्र के अधिमान्य पंडित पं. गुणनिधि सतपथी जी रहे वहीं प्रत्येक बेदी में अन्य 11 पुरोहित रहे जिनके द्वारा 5 अपे्रेल षनिवार को चारकर्म तथा दुसरे दिन रविवार को सावित्री प्रदान की गई। उपनयन संस्कार में रूस्यानी नामक एक कार्यक्रम होता है जो काफी रोचक और आकर्शक होता है जिसमें बटुक की मंषा यदि गृहत्याग का होता है तो वह योगी भी बन जाता है जिसके कई उदाहरण रहे हैं। उक्त रूस्यानि में 11 बटुक बाजा गाजा के साथ सर्वप्रथम भगवान जगन्नाथ के दर्षन के लिये गये, वापसी आते समय बटुकों के सामने एक लकीर खींची रहती है जिसमें यदि वह योगी बनने की मानसिकता से लांघ जाता है तो वह फिर योगी ही बन जाता है इससे रोकने बटुक के मामा मामी व परिजन आगे आते हैं और घर गृहस्थि का प्रलोभन देकर वापस लाते हैं ऐसी परंपरा व मान्यता है। 11 बटुकों के अलग अलग परिजन इस कार्यक्रम को अलग अलग संपन्न किया जो दर्षक दीर्घा सहित आमजन के लिये काफी रोचक और रोमांचक रहा।



