Sand is being taken out by sieving Mand river: Mineral department is silent
पुसौर / पुसौर जनपद क्षेत्र मांड, केलो और महानदी से घिरा हुआ है जहां कुछ साल पहले महानदी के किनारे ग्राम सुरजगढ और मांड नदी के किनारे ग्राम घुघुआ मे रायल्टी के साथ बालु निकाल कर ले जाने की स्वीकृति खनिज विभाग द्वारा दी गई थी इसमें भी रायलीटी राषि में अनियमितता तात्कालीन समय में बात आती रहती थी बावजुद इसके विभाग को कमोबेष रायल्टी राषि मिलती थी जिसके जरिये क्षेत्र के ग्रामों में विकास कार्य होता था। इस तथ्य पर पिछला सरकार ने कोई तब्दीली नहीं दिखाई वरन सभी नदी घाट खुले हो गये और अब इस सरकार को भी लगभग 2 वर्श होने जा रहे हैं इसमें रेत उठाव को लेकर कोई निति नहीं बनाई गई है इस रिक्तता को वहां के ग्रामीण प्रबंधन आपसी सहमति से रायल्टी लेना प्रारंभ कर दिया जो ग्राम में या तो छोटा बडा निर्माण कार्य करते हैं या फिर वे किसी कंपनी को फायदा पहुंचाते हैं। ज्ञात हो कि बालु लाने ले जाने में उपयोग किया गया रास्ता तो खराब तो होता ही है वहीं भारी मात्रा में भारी भरकम सघन वाहनों के अवागमन से लोग परेषान भी रहते हैं ऐसे स्थिति में बतौर रायल्टी राषि उनका मांग जायज बताया जाता है जिससे कि संबंधित रोड को मजबुत किया जा सके। मांड नदी से उठाया जाना वालु अडानी में अनलोड होने की बात लोग प्रमाणित कर रहे हैं ऐसे में कंपनी द्वारा इन ग्रामों के विकास के लिये सहयोग किये जाने की मांग उठ रहा है। बिते दिनांक को मांड नदी के दुसरे छोर षक्ति जिला के ग्राम दुल्हपाली में खनिज विभाग द्वारा कार्यवाही करते हुये देखा गया जिसमें वहां के आफिसर एक जेसीपी पर प्रकरण बनाये जाने की जानकारी प्रकाष में आया है। लोगों का मानना है कि रायगढ जिले में भी अवैध बालु उठाव पर कार्यवाही हो जिससे कि षासन के साथ साथ लोगों को लाभ मिले।



