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सुशासन तिहार- 2025 : ग्रामीण अंचल में सुआ नृत्य बना जनजागरूकता का माध्यम

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Good governance festival- 2025: Sua dance becomes a medium of public awareness in rural areas

रायपुर / सुशासन तिहार को जन -जन तक पहुंचने के लिए बलौदाबाजार भाटापारा जिला प्रशासन द्वारा जोर – शोर से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसमें रैली,साईकिल रैली,मुनादी, दीवाल लेखन आदि शामिल है लेकिन ग्रामीण अंचल में सुआ नृत्य जनजागरूकता का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। बुधवार को बलौदा बाजार जिले के विकासखंड पलारी के ग्राम पंचायत कुसमी में बिहान की महिला स्व सहायता समूहों के द्वारा सुवा गीत व नृत्य के माध्यम से सुशासन तिहार को लोगों तक पहुंचाया। छत्तीसगढ़ में पारंपरिक लोक नृत्यों में पंथी, राउत नाचा, कर्मा,पंडवानी,सुवा,सैला, गेंड़ी आदि शामिल हैं। ये नृत्य विभिन्न समुदायों द्वारा त्योहारों और उत्सवों के दौरान किए जाते हैं और वे क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं।

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सुशासन तिहार के प्रथम चरण अंतर्गत 8 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में आवेदन प्राप्ति स्थल पर लोगों से आवेदन प्राप्त किये जाएंगे।कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन एवं सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल के नेतृव में जिले में गठित स्व सहायता समूह (बिहान )द्वारा संकुल संगठन स्तर ,ग्राम संगठन स्तर,पंचायत स्तर पर दीवाल लेखन,सुशासन नारे,रैली,घर -घर दस्तक अभियान का सफल आयोजन किया जा रहा है एवं आमजन को अवगत कराने प्रचार- प्रसार किया जा रहा है।बिहान के कैडर के द्वारा प्रत्येक पंचायत में सुशासन तिहार का शुभारंभ किया गया।

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