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मंत्री कश्यप ने जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

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Minister Kashyap gave strict instructions to the officers in the review meeting of the Water Resources Department

टेंडर में फर्जी जानकारी देने वाले 108 ठेकेदारों पर होगी कार्रवाई

Ro.No - 13672/156

रायपुर / जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज शिवनाथ भवन, अटल नगर में विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग के प्रमुख सचिव, प्रमुख अभियंता सहित कार्यपालन अभियंता स्तर तक के सभी अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री ने बैठक में जल संसाधन विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिए कि विभागीय कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जल संसाधन मंत्री श्री कश्यप ने निर्देशों के बावजूद टेंडर प्रक्रिया में फर्जी जानकारी देकर भाग लेने वाले करीब 108 ठेकेदार जिनकी पहचान कर ली गई है। उन सभी पर एक सप्ताह के भीतर उनकी ईएमडी राजसात करने के साथ ही उन्हें एक वर्ष के लिए निविदा प्रक्रिया से बाहर करने के निर्देश दिए। मंत्री श्री कश्यप ने प्रमुख अभियंता जल संसाधन को इस कार्रवाई का प्रतिवेदन देने के भी निर्देश दिए। मंत्री श्री कश्यप ने बैठक में 100 दिनों के भीतर सभी लंबित निविदाएं स्वीकृत कर कार्य प्रारंभ कराए जाने के सख्त निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिम्मेदारी तय कर संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को 100 दिन की समय-सीमा को ध्यान में रखने की विशेष हिदायत दी।

मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि वह स्वयं सभी संभागों का दौरा कर विभागीय कार्यों का निरीक्षण करेंगे। उन्होंने बस्तर संभाग में देऊरगांव और मटनार योजना का कार्य शीघ्र शुरू कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय लोगों को जल समस्या से राहत मिलेगी और इंद्रावती नदी के जल का समुचित उपयोग हो सकेगा। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बेहतर हो यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने मुख्य अभियंता को 5 प्रतिशत निर्माण कार्यों का, अधीक्षण अभियंता को 10 प्रतिशत और कार्यपालन अभियंता अपने संभाग के 100 प्रतिशत कार्यों का अनिवार्य रूप से निरीक्षण करने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की औचक जांच के लिए सभी संभागों में गठित उड़नदस्ता को सुशासन तिहार के दौरान निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।

जल संसाधन मंत्री श्री कश्यप ने प्रमुख सचिव को निर्देशित किया कि सुशासन तिहार के तहत प्राप्त सभी जन शिकायतों व मांगों का वर्गीकरण कर मई माह के अंत तक उनका निराकरण किया जाए। प्राप्त आवेदनों में अन्य विभागों से संबंधित हैं, उन्हें दो दिवस के भीतर संबंधित विभाग को हस्तांतरित किए जाएं। उन्होंने सुशासन तिहार से संबंधित आवेदनों के निराकरण एवं समन्वय के लिए प्रमुख अभियंता कार्यालय में एक अधिकारी को नोडल की जिम्मेदारी देने के भी निर्देश दिए गए।

मंत्री श्री केदार कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर समक्का, जोरानाला और पोलावरम जैसी परियोजनाओं से जुड़े अंतरराज्यीय जल विवादों को सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वे स्वयं इन स्थलों का दौरा कर वस्तुस्थिति का जायजा लेंगे। बैठक के समापन पर मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण केवल नीति का विषय नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी के प्रति हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से जल संरक्षण एवं संवर्धन में जनभागीदारी बढ़ाने तथा छत्तीसगढ़ को जल प्रबंधन में देश का आदर्श राज्य बनाने का आव्हान किया।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव जल संसाधन श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, प्रमुख अभियंता श्री इन्द्रजीत उइके सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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