The surplus schools and teachers of the district will be rationalized
कलेक्टर ने बैठक लेकर अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशानिर्देश
उत्तर बस्तर कांकेर 01 मई 2025/ विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदाय करने तथा स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार शासकीय शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। इसके लिए शासन द्वारा समय-सीमा निर्धारित की गई है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने आज सायं 04 बजे संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर स्कूल शिक्षा विभाग के आदेशानुसार युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए। इसके लिए ब्लॉक स्तर पर अनुविभागीय अधिकारी एवं जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति बनाई जाएगी।
कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में आज शाम को आयोजित बैठक में उन्होंने बताया कि इसके प्रथम चरण में अतिशेष विद्यालयों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में अतिशेष शिक्षकों का नियमानुसार युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट तौर पर निर्देशित किया कि युक्तियुक्तकरण की सम्पूर्ण कार्यवाही शासन द्वारा जारी किए गए दिशा निर्देशानुसार पूरी पारदर्शिता एवं सावधानीपूर्वक की जाए तथा किसी प्रकार के संशय की स्थिति में उच्चाधिकारी को अवगत कराकर उनसे मार्गदर्शन लेकर ही नियमानुसार कार्यवाही करें। कलेक्टर ने इस दौरान विभिन्न अधिकारियों की शंकाओं का समाधान करते हुए कहा कि इसके प्रथम चरण में शालाओं का युक्तियुक्तकरण संपन्न कराएं उसके बाद ही अतिशेष शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही की जाएगी।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री अशोक पटेल ने बताया कि राज्य शासन द्वारा जारी किए गए नियमों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र के ऐसे विद्यालय जिनकी दूरी 01 किलोमीटर से कम है या दर्ज संख्या 10 से कम है, का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। इसी तरह शहरी क्षेत्र में 500 मीटर से कम दूरी तथा दर्ज संख्या 30 से कम वाली शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि नक्सलप्रभावित क्षेत्र एवं दूरस्थ वनांचल के विद्यालयों के युक्तियुक्तकरण पर विचार कलेक्टर के विवेकाधिकार से होगा। इसी प्रकार अतिशेष शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण हेतु मापदण्ड निर्धारित किया गया है, जिसके अनुसार प्राथमिक शालाओं में 60 की दर्ज संख्या पर 01 प्रधानपाठक तथा 01 शिक्षक का अनुपात रहेगा। इससे अधिक संख्या में पदस्थ शिक्षक अतिशेष की श्रेणी में आएंगे। इसी तरह पूर्व माध्यमिक शालाओं में 105 की दर्ज संख्या पर 01 प्रधानपाठक और 03 शिक्षक का अनुपात होगा। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि शाला में कार्यभार ग्रहण दिनांक के आधार पर कनिष्ठ सहायक शिक्षक को अतिशेष की श्रेणी में माना जाएगा।
बैठक में बताया गया कि शालाओं का युक्तियुक्तकरण आगामी 07 से 25 मई की बीच किया जाएगा तथा शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही 15 मई से 10 जून के बीच संपन्न की जाएगी। कलेक्टर ने इसके लिए ब्लॉक स्तर पर गठित समिति के सदस्यों को निर्धारित प्रपत्र में अतिशेष शालाओं एवं शिक्षकों का चिन्हांकन कर उनकी पूरी जानकारी निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी ने अतिशेष स्कूलों और शिक्षकों के संबंध में शासन द्वारा जारी विस्तृत दिशानिर्देशों की जानकारी दी। इस अवसर पर जिला पंचायत के सीईओ श्री हरेश मण्डावी, सभी अनुविभागीय अधिकारी, महिला एवं बाल विकास अधिकारी, जिला समन्वयक समग्र शिक्षा तथा स्कूल शिक्षा विभाग के बीईओ, एबीईओ, बीआरसी आदि मौजूद थे।



