Union Minister Shivraj Singh, Chief Minister Vishnu Dev Sai and other ministers washed the feet of PM Awas Yojana beneficiaries
धन्यवाद उन सभी का, जिन्होंने हमारी सुध ली
रायपुर / हम लोग पहाड़ी कोरवा है बाबू, जंगल से जुड़े हैं, जो कुछ है हमारा सबकुछ जंगल ही है, हमारे पुरखे ही नहीं, हम लोग का जीवन संघर्षों के साथ ही बीता है किसी ने आँसू तक नहीं पोछा…किसी ने हमारी सुध नहीं ली, आज हमें साफ पानी..गाँव तक सड़क..गाँव में स्कूल…बीमारी से इलाज के लिए आयुषमान कार्ड और पक्का मकान दिया जा रहा है..हमें पैरों में खड़ा करने के साथ ही..हमारे पांव पखारे जा रहे हैं। यह हमारा सौभाग्य है। धन्यवाद उन सभी लोगों का, जिन्होंने हमारी सुध ली और हमें सम्मान दे रहे हैं। यह कहना है विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार की पहाड़ी कोरवा फूलो बाई और शनी राम कोरवा का।
ये पहाड़ी कोरवा परिवार प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत आशियाना मिलने के बाद गृह प्रवेश से पहले केंद्रीय कृषि एवं पंचायत मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के हाथों पाँव पखारने के पश्चात अभिभूत और खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। छत्तीसगढ़ के दौरे पर आए केंद्रीय कृषि एवं पंचायत मंत्री श्री शिवराज सिंह, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा अन्य अतिथियों ने आज अम्बिकापुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के पाँव को पखारकर गृह प्रवेश कराया। इस मौके पर प्रदेश के 51 हजार हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी।
जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंडरापाठ की रहने वाली फूलो बाई बताती है कि उनका जीवन संघर्षों से गुजरा। दो साल पहले पति के मौत के बाद उनकी मुश्किलें और भी बढ़ गई थीं। उनका कहना था कि पति जब तक जीवित थे तब तक उनको पूरा भरोसा था कि पक्का मकान एक दिन बना लेंगे, लेकिन असमय उनकी मौत ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया था। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वनांचलों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों की सुध ली है। प्रधानमंत्री जी की पहल से हम पिछड़ी जनजातियों के भाग्य खुल गए हैं। हर प्रकार की सरकारी सुविधाओं के साथ पक्का आवास भी मिलने लगा है।
ग्राम ढेलवाडाँड़-बोकाई पंचायत जिला सरगुजा के पहाड़ी कोरवा शनी राम ने बताया कि जंगलों के आसपास रहते हमारी कई पीढ़ियां बीत गई। हमारी पीढ़ियों ने पानी भी ढोढ़ी का पीया। घास-फूस के घर में रहे और आंधी-तूफान, बारिश के दिनों में डर के साये में जैसे-तैसे जिंदगी काटी। हमने तो कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन हमारी जिंदगी के कठिन दिन बहुरेंगे। अब पीएम जनमन से हमारे पक्के मकान बन गए। नल कनेक्शन, बिजली कनेक्शन मिल रहा। इलाज के लिए कार्ड बन रहा है। गाँव तक पक्की सड़क बन रही है। हमारे पांव पखार कर सम्मान दिया गया वह एक सुखद अनुभूति है, यह हमारे आने वाली पीढ़ी की तकदीर बदलने की शुरूआत है, इसके लिए हम जितना भी आभार जताए..कम ही है।



