Those devotees who listen to the auspicious story of the auspicious marriage of Mata Parvati Baba Bhole Bhandari, there is only happiness in their life and family,,,,, Sandeep Mishra
प्रमोद अवस्थी मस्तूरी
मस्तूरी।दिनांक 11 मई से 20 मई तक भगवान स्वयंभू लटेश्वरनाथ की पावन धरा किरारी में आयोजित श्री शिवमहापुराण महोत्सव के चतुर्थ दिवस के कथा प्रसंग में आचार्य कथावाचक संदीप मिश्रा श्री धाम वृन्दावन, ने कथा का विस्तार से वर्णन करतें हुए भगवान शंकर पार्वती के विवाह का पावन मंगल कथा का श्रवण कराते हुए कहा कि जो भक्त भगवान माता पार्वती बाबा भोले नाथ के मंगल शुभ विवाह प्रसंग में शामिल होकर कथा का श्रवण करते है उनके जीवन में तथा परिवार घर में सदैव मंगल ही मंगल होता हैं । सती प्रसंग की कथा का श्रवण कराते हुए मिश्रा जी ने बताया कि शंकर भगवान् एक अवधूत महादेव है वे सबका कल्याण करने वाले है भगवान शिव का चरित्र हमें सत्य और शांति का मार्ग बतलाती हैं कही । इसलिए भगवान की कथा जहां भी हों व्यक्ति को कथा श्रवण हेतु अवश्य जाना ही चाहिए। आज से द्वादश ज्योतिर्लिंग की कथा का महाराज जी श्रवण कराएँगे जो कि समस्त मनोकामना की पूर्ति करने वाला हैं । मस्तूरी किरारी सहित आसपास के श्रद्धालु भाई बहन श्री शिवमहापुराण कथा श्रवण हेतु सैकड़ो की संख्या में उपस्थित होकर शिवमहापुराण कथा रूपी गंगा मे गोता लगाकर अपने जीवन को कृतार्थ करने मे लगे हुए है। आयोजन समिति द्वारा भोजन महाप्रसादी का व्यवस्था किया गया हैं । जिसमे सैकड़ो की संख्या मे श्रद्धालु जन प्रसाद ग्रहण कर रहें हैं । मुख्य यजमान के रूप मे ठाकुर तमेश सिंह एवं उनकी धर्मपत्नि श्रीमती प्रतिमा सिंह जी ग्राम पंचायत सरपंच किरारी एवं ग्रामीणों द्वारा प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से पार्थिव शिवलिंग का विधिवत पूजन अभिषेक किया जा रहा हैं । कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए ठाकुर नितेश सिंह उपाध्यक्ष, जनपद पंचायत मस्तूरी, ठाकुर टुकेश सिंह, ठाकुर राहुल सिंह, ठाकुर फेकू सिंह, बबला सिंह, बाबा सिंह, दीपक सिंह, बलवंत सिंह , संतोष सिंह, रामफल साहू, गोपाल साहू, राधे साहू, विजय साहू, डा. शिवकुमार साहू, चंद्रकांत सिंह, किशोर राठौर, संतोष राठौर, एवं ग्राम किरारी के समस्त श्रद्धालु भाई बहन जुड़ मिल कर कार्य कर रहें हैं । कार्यक्रम का संचालन ननकू साहू, द्वारा किया जा रहा हैं ।
रात्रि में होता है रामचरितमानस का भव्य आयोजन
श्री शिव महापुराण कथा यज्ञ के विश्राम के बाद रात्रि में आस पास के मानस मंडलियों द्वारा संगीत मय श्री रामचरितमानस रामायण का मानस मंडलियों द्वारा हर रोज मानस गान किया जाता है जिसमें भक्तों की भारी भीड़ रहती है।


