Home Blog मुख्यमंत्री ने भू-जल संवर्धन मिशन का किया शुभारंभ, भू-जल और वर्षा जल...

मुख्यमंत्री ने भू-जल संवर्धन मिशन का किया शुभारंभ, भू-जल और वर्षा जल संरक्षण पर शहरों में होंगे प्रभावी काम

0

Chief Minister launched Ground Water Conservation Mission, effective work will be done on ground water and rain water conservation in cities

जल संवर्धन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा भू-जल संवर्धन मिशन – विष्णु देव साय

Ro.No - 13672/156

हाइड्रोलॉजिस्ट्स, कॉलोनाइजर्स, उद्योग समूह, राज्य शासन के विभिन्न विभागों और विशेषज्ञों ने जल संरक्षण पर किया मंथन

वर्षा जल का संचय और संरक्षण भू-जल स्रोतों को रिचार्ज करने में बेहद अहम – उप मुख्यमंत्री अरुण साव

रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) का शुभारंभ किया। इसके तहत प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में भू-जल और वर्षा जल के संरक्षण-संवर्धन के लिए मिशन मोड पर काम किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम में मिशन के ब्रोशर का विमोचन और इस पर तैयार वीडियो भी लॉन्च किया। उन्होंने राज्य के नौ नगरीय निकायों में सेवाकाल के दौरान दिवंगत 18 कर्मचारियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र भी सौंपा।

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव, जल संसाधन तथा रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायकगण सर्वश्री राजेश मूणत, सुनील सोनी, मोती लाल साहू, पुरन्दर मिश्रा, गुरू खुशवंत साहेब, इन्द्र कुमार साहू, रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और वाटरमैन के नाम से मशहूर श्री राजेन्द्र सिंह भी विशिष्ट अतिथि के रूप में शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। भू-जल संवर्धन मिशन के शुभारंभ के मौके पर आयोजित कार्यशाला में हाइड्रोलॉजिस्ट्स, कॉलोनाइजर्स, उद्योग समूह, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने जल संरक्षण, इसके उपायों और परिणामों पर मंथन किया। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और भारत के वाटरमैन के नाम से प्रसिद्ध श्री राजेन्द्र सिंह ने भी कार्यशाला में अपने विचार रखे तथा प्रतिभागियों के सवालों के जवाब भी दिए। गुजरात के सूरत म्युनिसिपल कार्पोरेशन की टीम ने वहां वर्षा जल के संचय और भू-जल रिचार्ज के लिए किए जा रहे कार्यों को साझा किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जल के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। जल की पर्याप्त उपलब्धता की चिंता करते हुए नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा इस महत्वाकांक्षी मिशन की शुरूआत की जा रही है। इसके लिए मैं उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और नगरीय प्रशासन विभाग को धन्यवाद देता हूं। उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्षा जल और भू-जल के संरक्षण व संवर्धन में यह मिशन मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में जल संरक्षण के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्रामीणों की सहभागिता से ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों अभियानों का मकसद एक है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर जल संरक्षण के लिए पूरे देश में अमृत सरोवरों के रूप में नए तालाबों का निर्माण और पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। आज मिशन के शुभारंभ के मौके पर चार घंटों तक विशेषज्ञों ने इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर संवाद किया है। श्री साय ने कहा कि जल को लेकर यदि हम अभी सचेत और सावधान नहीं होंगे तो आने वाला समय मुश्किल होगा।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने शुभारंभ कार्यक्रम में कहा कि वर्षा जल के संचय, संरक्षण और भू-जल को रिचार्ज करने के उपायों पर विशेषज्ञों ने अभी चार घंटे तक चर्चा की है। वाटरमैन श्री राजेन्द्र सिंह और सूरत नगर निगम के विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि इस संवाद के दौरान जल के संरक्षण और संवर्धन के कार्यों को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने और राज्य में वर्षा के पैटर्न के अनुरूप फसल चक्र अपनाने की बातें प्रमुखता से आई हैं। श्री साव ने कहा कि आने वाले समय में शहरों में पेयजल और अन्य जरूरतों के लिए पानी की व्यवस्था की चुनौतियों को देखते हुए नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा इस मिशन को प्रारंभ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्याप्त बारिश होती है। इसके सावधानीपूर्वक संचय और संवर्धन से हम पानी की दिक्कतों को दूर कर सकते हैं।

जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप ने भू-जल संवर्धन मिशन के शुभारंभ पर खुशी जताते हुए कार्यक्रम में कहा कि इस मिशन के तहत अनुकरणीय काम होंगे, ऐसी उन्हें उम्मीद है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनभागीदारी से जल संचय करने में छत्तीसगढ़ को पूरे देश में प्रथम स्थान मिला है। जल के महत्व को देखते हुए इसके स्रोतों के पुनर्भरण और रिचार्ज करने के लिए गंभीरता से काम करने की जरूरत है। जल संसाधन विभाग भी इस पर गंभीरता से काम कर रहा है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक श्री आर. एक्का और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय सहित सभी नगर निगमों के महापौर, सभापति और आयुक्त, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अध्यक्ष एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगरीय निकायों के अभियंता, जल विशेषज्ञ, समाजसेवी, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि, नगरीय प्रशासन विभाग और सुडा के अधिकारी बड़ी संख्या में शुभारंभ कार्यक्रम में मौजूद थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here