A joint team of the World Bank and Fisheries Department inspected the cage of Dudhwa reservoir
उत्तर बस्तर कांकेर, 22 मई 2025/ मत्स्य पालन के क्षेत्र में मत्स्य कृषकों की आर्थिक स्थिति का आंकलन करने, मात्स्यिकी विकास की उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त करने तथा प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना के संभावनाओं से रूबरू होने विश्व बैंक के फिशरीज एक्सपर्ट जूनियन मिलियन, प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना के नोडल अधिकारी आई. ए. सिद्दकी, एनएफडीबी हैदराबाद के मासूम वाहिद, राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम सहकारिता मंत्रालय के सरफराज अहमद, संचालक मछलीपालन एन.एस.नाग तथा मत्स्य विभाग के अधिकारियों द्वारा जिले के दुधावा जलाशय में केज कल्चर का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया गया। केज संचालक द्वारा विश्वबैंक के टीम को अवगत कराया गया कि केज में प्रति केज 04 टन का उत्पादन किया जा रहा है तथा केज में उत्पादित मछली का निर्यात अन्य प्रदेशों के अतिरिक्त विदेशों में भी किया जा रहा है। गौरतलब है कि विश्व बैंक के अधिकारियों द्वारा छत्तीसगढ़ में 19 से 21 मई तक छत्तीसगढ के विभिन्न जिलों में मत्स्य कृषकों से संपर्क कर मत्स्यपालन गतिविधियों का अवलोकन किया गया है। विश्व बैंक के अधिकारियों का यह दौरा छत्तीसगढ़ में मत्स्य विकास के आगामी परियोजनाओं के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




