रायगढ़। जिले में इन दिनों रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि प्रशासन और खनन विभाग को खुली चुनौती देने से भी नहीं कतरा रहे। ताजा मामला उर्दना रोड स्थित पेट्रोल पंप के बगल का है, जहां खुलेआम अवैध रेत का पहाड़ जमा कर लिया गया है। इस अवैध भंडारण का आकार इतना विशाल है कि पहली नजर में ही अंदाजा हो जाता है कि यह कार्य किसी सामान्य व्यक्ति का नहीं, बल्कि संगठित माफिया गिरोह का है।
हैरानी की बात यह है कि खनन विभाग को सब कुछ दिखने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बरसात से पहले रेत की भारी मांग और कीमतों में इज़ाफा होने के चलते माफिया पहले से ही भंडारण कर मोटा मुनाफा कमाने की फिराक में हैं।
स्थानीय सूत्रों की मानें तो ढिमरापुर क्षेत्र में यह कोई नया मामला नहीं है। पूरे जिले में रेत का काला कारोबार चला आ रहा है और कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती रही है। हाल के महीनों में रायगढ़ के कई इलाकों से अवैध रेत खनन और भंडारण की खबरें सामने आईं, लेकिन अब तक प्रशासनिक स्तर पर ठोस कार्रवाई का अभाव रहा।
जानकारों का कहना है कि इस गोरखधंधे के पीछे कुछ रसूखदार लोगों का संरक्षण भी हो सकता है, जिसके चलते माफिया बेखौफ होकर अपना काम कर रहे हैं।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक यह माफिया बेलगाम रहेंगे? कब तक प्रशासन की चुप्पी उनके हौसले को बढ़ाती रहेगी?
जनता और जागरूक नागरिकों की मांग है कि जिले में अवैध रेत खनन पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए सख्त और प्रभावी कदम उठाए जाएं।
देखना यह है कि रायगढ़ में रेत का यह कांड सिर्फ सुर्खियों तक ही सिमटता है या फिर प्रशासन जागकर माफियाओं पर शिकंजा कसता है।



