उत्तर बस्तर कांकेर 13 जून 2025/ धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का शुभारंभ 02 अक्टूबर 2024 को किया गया है। इसी तारतम्य में 15 से 30 जून 2025 तक धरती आबा जनभागीदारी अभियान के अंतर्गत राष्ट्रव्यापी जागरूकता सह लाभ संतृप्ति शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य अंतिम व्यक्ति को पात्रता अनुसार व्यक्तिगत लाभों, हक से संतृप्त किया जाकर जनजागरूकता उत्पन्न करना है। अभियान में ग्राम स्तर, कलस्टर स्तर पर शिविरों के माध्यम से स्थल पर लाभों, हक जैसे आधार कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, पीएम किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, जनधन बैंक खाता, राशन कार्ड, वन अधिकार पत्र, सिकलसेल रोग एवं स्क्रीनिंग पेंशन योजना, पीएम उज्जवला योजना, सुकन्या समृद्धि, मातृत्व वदना योजना, जन्म प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना श्रम कार्ड इत्यादि सेवाओं के प्रदाय हेतु कार्यवाही किया जाना है। इसके अतिरिक्त सिकलसेल बीमारी तथा उससे सबंधित जाच हेतु भी जागरूकता उत्पन्न किया जाना है।
कार्यालय कलेक्टर आदिवासी विकास विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार शिविरों का आयोजन प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक, पंचायती राज तथा नगरीय निकाय की सहभागिता एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में जिले में स्थानीय प्रशासन, मैदानी कर्मचारियों सामान्य सेवा केन्द्र तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों के सहयोग से किया जाना है, ताकि इन सुविधाओं, सेवाओं से अब तक वंचित सभी पात्र जनजाति व्यक्तियों एवं परिवारों को इनका लाम त्वरित रूप से प्राप्त हो सके।
शिविर में लाभों, हक तथा स्वीकृत गतिविधियों में लाभ प्रदाय करने हेतु जनजाति ग्रामों एवं पीव्हीटीजी बसाहटों में गैप्स का चिन्हांकन, ग्राम स्तर, कलस्टर स्तर पर लाभ संतृप्ति शिविरों का आयोजन करना,
स्वास्थ्य विभाग खाद्य विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कृषि विभाग, राजस्व विभाग तथा अन्य विभागों के साथ अभिसरण के माध्यम से कार्यवाही करना, गैर शासकीय संगठनों एवं सामान्य सेवा केन्द्र इत्यादि के सहभागिता के माध्यम से आधार, ई-केवाईसी तथा अन्य दस्तावेजीकरण संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराना। जिलावार माइक्रोप्लान, कॅम्प वीलेण्डर तथा निगरानी रूपरेखा तैयार करना और वास्तविक समय में लाभार्थियों की जानकारी प्रतिवेदित किये जाने संबंधी कार्यवाही करना है।
इन शिविरों का आयोजन एक समावेशी तथा सशक्त जनजातीय भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जैसा कि पीएम-जनमन एवं धरती आबा अभियान में परिकल्पित किया गया है।
धरती आबा जनभागीदारी अभियान अतर्गत संचालित किये जाने हेतु आईईसी कैम्पेन की अवधि 15 से 30 जून निर्धारित है। इसी प्रकार राष्ट्रीय स्तर पर आईईसी कैम्पेन का शुभारंभ 15 जून है। राज्य स्तरीय आईईसी कैम्पेन का शुभारभ 16 से 17 जून तथा जिला स्तर पर आईईसी कैम्पेन 17 से 20 जून निधारित है। इसी प्रकार विकासखंड, ग्राम पंचायत स्तरीय आईईसी कैम्पेन का आयोजन 17 से 30 जून निर्धारित किया गया है।
आईईसी कैम्पेन अंतर्गत आयोजित की जाने वाली गतिविधियां-
जिला, विकासखण्ड, ग्राम स्तर पर योजना का प्रचार-प्रसार, जिलों में आयोजन स्थलों का चिन्हांकन, निर्धारण, आयोजन स्थल पर 17 चिन्हांकित गतिविधियों जैसे आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जनचन खाता पीएम-किसान सम्मान निधि इत्यादि हेतु शिविरों का आयोजन, स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, सिकल सेल का परीक्षण जांच किया जाएगा। प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा स्वयं सेवी संगठनों की उपस्थिति में कैम्पेन का जिली, विकासखण्ड तथा ग्रामों में आयोजन किया जाना है। विभागों द्वारा संबंधित गतिविधियों में आयोजन स्थल पर प्रचार-प्रसार तथा हितग्राहियों का पंजीकरण इत्यादि की कार्यवाही करना है। फोटोग्राफ एवं वीडियो के माध्यम से अभियान गतिविधियों को समन्वय और दस्तावेजीकरण करना तथा भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्दिष्ट पोर्टल http://adiprasaran.tribal.gov.in/dhartiaabaabhiyan पर अपलोड करना होगा। इसी तरह ग्राम पंचायत एवं उप जिला स्तर पर कार्यक्रमों और स्थानीय आउटरीच कार्यक्रमों की सूची प्रस्तुत करना। DA-JGUA एवं भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय की अन्य पहलों के बारे में जानकारी बढ़ाने, प्रसारित करने के लिए गैर सरकारी संगठनों, शैक्षिक संस्थानों, स्वयं सहायता समूहों, स्वय सेवकों आदि की भी भागीदारी सुनिश्चित की जा सकती है। तद्नुसार इस अभियान हेतु जिले में चिन्हित 552 जनजाति बाहुल्य ग्रामों हेतु जिला स्तर एवं विकासखंड स्तर पर मैपिंग कर ग्राम, कलस्टर स्तर पर शिविर के आयोजन की आवश्यक तैयारी पूर्ण करते हुए अभियान अवधि में प्रति दिवस आयोजित कार्यक्रमों का फोटोग्राफ्स/विडियोग्राफी को मंत्रालय के निर्दिष्ट पोर्टल पर अपलोड करने की कार्यवाही भी की जाएगी।


