Home Blog मां कुदरगढ़ी स्वयं सहायता समूह की सूरतमनी बनीं आजीविका की मिसाल

मां कुदरगढ़ी स्वयं सहायता समूह की सूरतमनी बनीं आजीविका की मिसाल

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Suratmani of Maa Kudargadhi Self Help Group became an example of livelihood

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण अजीविका मिशन से जुड़कर महिलाएं आर्थिक सशक्तिकरण की राह पर अग्रसर

Ro.No - 13672/156

रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य में महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण हेतु प्रयास किए जा रहे हैं ताकि महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन सके। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत इंदरपुर, जनपद पंचायत ओड़गी की मां कुदरगढ़ी स्वयं सहायता समूह की सदस्य सूरतमनी अपनी मेहनत और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणादायक है।। मां कुदरगढ़ी स्व सहायता समूह की स्थापना 25 अक्टूबर 2013 को हुई थी। समूह को वर्ष 2015-16 में 15,000 रुपये की राशि रिवॉल्विंग फंड के रूप में प्राप्त हुई। इस फंड से सूरतमनी ने 5 हजार रुपये लेकर अपनी घरेलु आवश्यकताओं को पूरा किया। समूह ने बैंक लिंकेज के माध्यम से 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त कर व्यवसाय शुरू किया।

सूरतमती ने बताया कि इस ऋण का सदुपयोग करते हुए उन्होंने सेंटरिंग प्लेट ईकाई की स्थापना की और निर्माण कार्यों हेतु प्लेटों को किराये पर देना प्रारंभ किया। आज इस इकाई से उन्हें प्रति वर्ष लगभग 80 हजार से 90 हजार रुपये तक की आय हो रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत गांव के हितग्राहियों को निर्माण सामग्री उपलब्ध कराकर उन्होंने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है।

बिहान योजना से जुड़कर उन्हें न केवल आत्मनिर्भरता की राह मिली, बल्कि वे अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन गई हैं। वे कहती हैं, आज उनका परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हुआ है और इसके लिए उन्होंने बिहान योजना एवं जिला प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं न केवल अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही हैं, बल्कि गांव व समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

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