गुजराती क्षत्रिय समाज की महिला इकाई और अट्ठारहगढ़ फूल माली समाज ने फिर जताया विश्वास, सौंपे समर्थन पत्र
महिला समन्वय की मुहिम को मिल रहा है सामाजिक चेतना का नया आयाम
रायगढ़। महिला समन्वय रायगढ़ द्वारा महिला सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन को लेकर चलाए जा रहे सतर्कता और जनजागरूकता अभियान को समाज का भरपूर समर्थन मिल रहा है। पूर्व में कई सामाजिक संगठनों ने इस मुहिम को अपना नैतिक समर्थन दिया था। अब एक बार फिर इस अभियान को दो प्रमुख समाजों का सक्रिय समर्थन प्राप्त हुआ है, जिससे यह स्पष्ट है कि यह पहल अब जनआंदोलन का रूप लेने लगी है।
इस क्रम में गुजराती क्षत्रिय समाज की महिला इकाई ने समर्थन पत्र सौंपते हुए अभियान के उद्देश्यों का समर्थन किया। समाज की महिला प्रमुख श्रीमती अरुणा चौहान ने अन्य मातृशक्तियों के साथ मिलकर महिला समन्वय की इस पहल की सराहना की और कहा कि, “हमारी संस्कृति में नारी को देवी का दर्जा प्राप्त है, उसे सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।”
वहीं दूसरी ओर, अट्ठारहगढ़ फूल माली समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष लंम्बोदर पटेल के हस्ताक्षर से एक लिखित समर्थन पत्र महिला समन्वय को सौंपा गया। इसमें समाज ने स्पष्ट किया है कि वे महिला अधिकारों की सुरक्षा, गरिमा और सशक्तिकरण के मुद्दे पर महिला समन्वय के साथ पूरी निष्ठा से खड़े हैं।
समाज से सहयोग का बढ़ता दायरा
महिला समन्वय की यह मुहिम केवल एक संगठन की पहल नहीं रह गई है, बल्कि यह पूरे शहर और प्रदेश की मातृशक्ति की आवाज बन चुकी है। समाजों का जुड़ाव दर्शाता है कि अब महिला सुरक्षा केवल सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह सामाजिक चेतना का भी हिस्सा बन चुकी है। यह समर्थन दर्शाता है कि जब बात नारी गरिमा की हो, तो समाज की हर इकाई एक स्वर में खड़ी होती है। महिला समन्वय रायगढ़ की यह पहल धीरे-धीरे जनसहभागिता की मिसाल बनती जा रही है।



