The school’s repair work could not be completed on time, students will face problems
नरहरपुर विकासखंड के ग्राम जामगांव में स्थित शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का मरम्मत कार्य में
जतन योजना के तहत हुआ मरम्मत कार्य गुणवत्ताहीन, ग्रामीणों ने शिकायत करवाई समय पर पूरा नहीं हो पाने के कारण छात्रों को परेशानी होगी। ग्रामीणों की मानें तो मुख्यमंत्री जतन योजना के तहत स्कूल का मरम्मत कार्य तकनीकी दृष्टि से गुणवत्ताहीन है, जाँच करवाकर संबंधितों पर कार्यवाही करने की बात सामने आ रही है। जानकारी के अनुसार शाला भवन की मरम्मत कार्य को ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान पूरा किया जाना था, ताकि नए सत्र शुरू होते ही छात्रों को एक सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिल सके, लेकिन 16 जून से स्कूल खुल चुके बच्चों की सुरक्षा के साथ हो रहा खिलवाड़ पालकों का कहना है कि प्रिंसिपलों का लापरवाही के कारण बच्चों को हर बर खराच मवन और असुरक्षित माहौल में पढ़ाई करनी पड़ती है। हम चाहते है कि गर्मियों की छुटटियों में स्कूल पूरी तरह तैयार हो जाए, ताकि बच्चों को सत्र के पहले दिन से अच्छी व्यवस्था मिले। लेकिन ऐसा नहीं हुआ. यह प्रिंसिपल का लापरवाही है। और स्कूल भवन का कार्य अभी भी अधूरा पड़ा है। न छत की मरम्मत पूरी हुई, न प्लास्टर का कार्य संपन्न हुआ और न ही रंग-रोगन जैसी अंतिम तैयारियाँ की गई। इस अधूरे कार्य के कारण आने वाले सत्र में छात्रों को फिर से असुविधा और जोखिम भरे वातावरण में पढ़ाई करनी पड़ेगी। स्थानीय नागरिकों और स्कूल स्टाफ के अनुसार, मरम्मत कार्य में जिस तरह की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, वह बेहद निम्न स्तर की है। सीमेंट और रेत के अनुपात में स्पष्ट गड़बड़ी देखी जा रही है। प्लास्टर दीवारों से उखड़ रहा है और छत पर पानी का रिसाव अब भी जारी है। सवाल यह है कि आखिर इस कार्य की तकनीकी निगरानी कौन कर रहा है, यह कार्य सीधे तौर पर ठेके पर सौंप दिया गया है, जबकि खंड शिक्षा अधिकारी




