Children of the heavily Maoist affected village Latmarka get new teachers
शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण से अब सुदूर गांव में फैलेगा ज्ञान का उजाला
उत्तर बस्तर कांकेर, 30 जून 2025/ शिक्षा के अधिकार से कोई बच्चा वंचित ना हो और सभी स्कूलों में समानुपातिक शिक्षा मुहैया हो, इसके लिए ने राज्य शासन द्वारा स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया। इससे जिले के सभी स्कूलों में गुणवत्ता युक्त शिक्षा के साथ-साथ शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है। जिले के अंतिम छोर पर स्थित दुर्गूकोंदल विकासखंड की प्राथमिक शाला लाटमरका में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के तहत दो नये शिक्षकों की पदस्थापना की गई है।
पिछले 10 वर्षों से यहां शिक्षकों की कमी थी, जिससे शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। नये शिक्षकों की नियुक्ति से अब गांव में उत्साह का माहौल है। चूंकि ग्राम लाटमरका धुर माओवाद प्रभावित क्षेत्र में स्थित है। इसलिए शिक्षकों की उपलब्धता यहां के ग्रामीणों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था।
पालक श्री सनीराम जाड़े ने उनके बच्चे को नए शिक्षक मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा- “हमारे गांव के बच्चों के लिए ये दो नये शिक्षक किसी वरदान से कम नहीं हैं। पहले हमें बच्चों को अच्छी पढ़ाई के लिए गांव से बाहर भेजना पड़ता था, लेकिन अब यहीं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्तर की शिक्षा के लिए भी बच्चों को जद्दोजहद करनी पड़ती थी, लेकिन अब दो-दो शिक्षक के मिल जाने से पूरे गांव में उत्सव का वातावरण है।” गांववासियों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि युक्तियुक्तकरण से गांवों की शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हो रही है और इससे ग्राम लाटमरका जैसे दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चे भी बेहतर शिक्षा के जरिए बेहतर भविष्य बना सकेंगे।



