Indefinite agitation of school cleaning staff in Bijapur, a huge rally was taken out and a memorandum was submitted to the Chief Minister
आरोप 10 से 12 साल हो गए, सरकारी बनी वह चली गई कई मांगे पूरा नहीं अब तक
बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में लगभग 700 स्कूल सफाई कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर 17 जून 2025 से बैठे हुए हैं। दूसरी तरह तरफ स्कूल आश्रम शालाएं चालू हो चुका है वहीं अपने विभिन्न मांगों को लेकर इन महिला-पुरुष कर्मचारियों ने एक विशाल रैली निकाली, जो संस्कृतिक भवन से शुरू होकर कलेक्ट्रेट तक पहुँची। वहाँ कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों की तीन मुख्य मांगे पहला अंशकालिक स्कूल सफाई कर्मचारियों को पूर्णकालिक कर्मचारियों की तरह कलेक्टर दर पर वेतन दिया जाए। दूसरा पूर्व में युक्तियुक्तकरण की गई शालाओं के सफाई कर्मचारियों को पुनः शासकीय स्कूलों में समायोजित किया जाए। तीसरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 50 प्रतिशत मानदेय वृद्धि को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
जिला अध्यक्ष मांझीराम कुडियाम ने साफ कहा, “हम तब तक हड़ताल पर बैठे रहेंगे जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं। इतने सालों की सेवा के बाद भी हमारी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है।”
भोपालपटनम ब्लॉक की सफाईकर्मी उपाध्यक्ष मनीता गुरला ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, “3400 रुपये में घर चलाना नामुमकिन है। ना नियत कारण हो रहा है, ना मानदेय में कोई बढ़ोतरी हो रही है।”
वहीं जिला सचिव दिलेश्वर ठाकुर ने कहा, “हम मुख्यालय से दूर अंदरूनी इलाकों में रहते हैं। वर्षों से मांगों को लेकर ज्ञापन सौंप रहे हैं लेकिन हमारी बातों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। कई कर्मचारी 12 साल से अधिक समय से सेवा में हैं, फिर भी हालात जस के तस हैं।”
जैसे-जैसे हड़ताल के दिन बढ़ते जा रहे हैं, आंदोलन और तेज होता दिख रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी जायज़ मांगों पर कार्रवाई नहीं करती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।




