Korea district got benefit in strengthening education system
युक्तियुक्तकरण से मधौरा स्कूल में बढ़ी उम्मीदें, शिक्षिका की नियुक्ति से पढ़ाई को मिली नई गति
रायपुर / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर प्रदेशभर में लागू की गई युक्तियुक्तकरण नीति से शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला मधौरा को लंबे समय से प्रतीक्षित एक अतिरिक्त शिक्षक की सौगात मिली है। पहले यह स्कूल एकल शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहा था, लेकिन अब युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के तहत शिक्षिका श्रीमती रेहाना परवीन की पदस्थापना के साथ यहां दो शिक्षक हो गए हैं, जिससे विद्यालय की शैक्षणिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद जगी है।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप जिले में शिक्षा व्यवस्था को समावेशी औरशिक्षा व्यवस्था सशक्त बनाने की दिशा में कोरिया जिले को मिला लाभ मजबूत बनाने के लिए शिक्षकों का तर्कसंगत पुनर्विन्यास किया गया है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में संतुलन बनाया जाए और बच्चों को समान रूप से बेहतर शिक्षा का अवसर मिले। इसी के अंतर्गत उन स्कूलों में जहां विद्यार्थियों की संख्या अधिक है लेकिन शिक्षक कम हैं, वहां अतिरिक्त शिक्षकों की पदस्थापना सुनिश्चित की जा रही है।
श्री गुप्ता ने बताया कि युक्तियुक्तकरण से न केवल शिक्षकों का समुचित उपयोग सुनिश्चित हुआ है, बल्कि उन विद्यालयों को भी लाभ मिला है जो संसाधनों और शिक्षकों की कमी के कारण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में असमर्थ थे। अब इन स्कूलों में बेहतर वातावरण में बच्चों को पढ़ने-लिखने का अवसर मिल रहा है।

राज्य सरकार द्वारा लागू इस नीति का आधार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 है, जिसके तहत प्रत्येक विद्यार्थी को समान, गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पहल से विशेष रूप से आदिवासी, दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के वे विद्यालय लाभान्वित हो रहे हैं, जहां वर्षों से शिक्षक विहीनता या एकल शिक्षकीय व्यवस्था बनी हुई थी। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेशभर में लागू की गई युक्तियुक्तकरण नीति से शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।




