Home Blog सौर ऊर्जा से आर्थिक सशक्तीकरण, बिजली बिल हो रहा शून्य

सौर ऊर्जा से आर्थिक सशक्तीकरण, बिजली बिल हो रहा शून्य

0

Economic empowerment through solar energy, electricity bill is becoming zero

पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना से आमजन को लाभ

Ro.No - 13672/156

रायपुर / पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना, आम नागरिकों के लिए एक प्रभावी एवं लाभकारी योजना साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से राज्य के नागरिक न केवल सस्ती और सतत बिजली मिल रही है, बल्कि लोग बिजली के मामले में आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रहे हैं। योजना का उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को प्रोत्साहित करते हुए घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कराना है, जिससे उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित हो रही है।

अम्बिकापुर नगर के देवीगंज रोड निवासी श्री शेखर गुप्ता इस योजना के लाभार्थी हैं। उन्होंने अप्रैल 2025 में अपने निवास की छत पर तीन किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप पैनल स्थापित कराया। श्री गुप्ता ने बताया कि यह पैनल प्रतिमाह औसतन 400 यूनिट तक बिजली का उत्पादन कर रहा है, जिससे गत तीन माह से उनके घर का बिजली बिल शून्य आ रहा है।

योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा श्री गुप्ता को 78,000 रुपये की अनुदान राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्रदान की गई है। साथ ही, राज्य शासन द्वारा इस योजना के अंतर्गत तीन किलोवाट क्षमता तक के संयंत्र हेतु 30,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देने का निर्णय लिया गया है। इस समन्वित सहयोग से नागरिकों पर वित्तीय भार में उल्लेखनीय कमी आई है तथा सौर ऊर्जा को अपनाने हेतु प्रोत्साहन मिला है। श्री गुप्ता ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सौर ऊर्जा के माध्यम से न केवल बिजली की बचत हो रही है, बल्कि यह योजना हर परिवार को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रही है। आने वाले समय में प्रदेश के प्रत्येक घर की छत पर यह सौर पैनल दिखाई देगा, जिससे महंगे बिजली बिल की चिंता समाप्त हो जाएगी। शासन की इस पहल से प्रदेश में हर वर्ग के नागरिक को सस्ती, सुलभ और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध हो रही है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन कायम रखने में भी सहयोग मिल रहा है।

उल्लेखनीय है कि पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित करने हेतु तकनीकी मार्गदर्शन, विभागीय सहायता और वित्तीय अनुदान की व्यवस्था की गई है। इससे न केवल विद्युत खपत में कमी आई है, बल्कि उपभोक्ताओं की आय में अप्रत्यक्ष रूप से वृद्धि भी हो रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here