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छत्तीसगढ़: ‘SUGAM’ से बस एक क्लिक में मिलेगी जमीन की पूरी जानकारी,धोखेबाजी पर लगेगा लगाम, घर बैठे होंगी रजिस्ट्री!

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छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में जमीन खरीदने और बेचने की प्रक्रिया को आम लोगों के लिए बेहद आसान और पारदर्शी बना दिया है। अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने या बिचौलियों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पंजीयन विभाग ने एक नई डिजिटल व्यवस्था शुरू की है, जिसके तहत उनकी वेबसाइट और ‘सुगम’ ऐप के जरिए जमीन से जुड़ी सारी जानकारी, जैसे गाइडलाइन दर, स्टाम्प ड्यूटी, पंजीयन शुल्क और अन्य जरूरी डिटेल्स, चंद सेकंड में आपके मोबाइल या कंप्यूटर पर मिल जाएंगी।

क्या है ‘सुगम ऐप’ का उद्देश्य?

‘सुगम ऐप’ का मुख्य उद्देश्य संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और यूज़र-फ्रेंडली बनाना है। यह ऐप उन आम समस्याओं का समाधान करता है, जैसे एक ही संपत्ति की कई बार बिक्री, या ऐसे भूखंडों की रजिस्ट्री जो वास्तव में मौजूद ही नहीं हैं।

प्रमुख विशेषताएँ और लाभ:

धोखाधड़ी पर अंकुश: ऐप का सबसे महत्वपूर्ण फीचर यह है कि यह संपत्ति संबंधी धोखाधड़ी को रोकता है। अक्सर ऐसी शिकायतें मिलती हैं जहां लोग कई तरह से धोखाधड़ी का शिकार होते हैं। ‘सुगम ऐप’ इस पर विराम लगाने में मदद करेगा।

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भौगोलिक पहचान (जियोटैगिंग): रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान, ऐप संबंधित पक्षों को संपत्ति पर जाकर तीन अलग-अलग कोणों से तस्वीरें लेने का निर्देश देता है। ये तस्वीरें संपत्ति के अक्षांश (latitude) और देशांतर (longitude) के साथ रजिस्ट्रार के मॉड्यूल में स्वचालित रूप से स्थानांतरित हो जाती हैं। इससे संपत्ति की वास्तविक भौगोलिक स्थिति रजिस्ट्री पेपर में स्थायी रूप से दर्ज हो जाती है, जिससे भविष्य में कभी भी उस संपत्ति की पहचान करना आसान हो जाता है।

राजस्व नुकसान पर नियंत्रण: ऐप संपत्ति की वास्तविक संरचना (जैसे उस पर बनी इमारतें या कारखाने) का भी पता लगाने में मदद करता है, जिससे सरकार को होने वाले राजस्व नुकसान को रोका जा सकता है। इससे सटीक कर निर्धारण (tax assessment) में भी मदद मिलती है।

बिचौलियों का सफाया: ‘सुगम ऐप’ की सबसे बड़ी खूबियों में से एक यह है कि यह पूरी प्रक्रिया को पेपरलेस, कैशलेस और फेसलेस बनाता है। इससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो जाती है और आम लोगों को रजिस्ट्री ऑफिस के चक्कर काटने से मुक्ति मिलती है।

आसान और डिजिटल प्रक्रिया: अब लोग घर बैठे अपने मोबाइल के माध्यम से अपनी जमीन और पहचान संबंधी दस्तावेजों को खुद प्रमाणित कर रजिस्ट्री करवा सकेंगे। ऑनलाइन अपॉइंटमेंट की सुविधा भी उपलब्ध है, और पेमेंट नेट बैंकिंग या POS के माध्यम से किया जा सकता है।

गवाहों को आने की जरूरत नहीं: भविष्य में आधार इंटीग्रेशन के बाद गवाहों को भी रजिस्ट्री ऑफिस आने की ज़रूरत खत्म हो जाएगी, जिससे फर्जी व्यक्तियों द्वारा रजिस्ट्री करने की घटनाओं पर रोक लगेगी।

‘सुगम ऐप’ छत्तीसगढ़ सरकार की तकनीक का उपयोग कर जन-कल्याण और शासन में पारदर्शिता लाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे नागरिकों का विश्वास बढ़ेगा और संपत्ति लेनदेन में धोखाधड़ी व विवादों में कमी आएगी। यह छत्तीसगढ़ में संपत्ति पंजीकरण के परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण प्रगति है।

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