With public cooperation and labour donation, 1.22 lakh soak pits were constructed in Balrampur district, more than the target
मोर गांव मोर पानी अभियान बना जनअभियान
जलसंरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल
रायपुर / छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप मिला है। “मोर गांव मोर पानी” अभियान के तहत जिले में जनसहयोग और श्रमदान से 1 लाख 22 हजार 455 सोख्ता गड्ढों का निर्माण किया गया है। यह उपलब्धि पूर्व निर्धारित लक्ष्य 1 लाख 20 हजार से भी अधिक है, जो प्रशासनिक नेतृत्व और जनता की सहभागिता का सशक्त प्रमाण है।
जिला प्रशासन की पहल से अभियान न केवल प्रशासनिक प्राथमिकता बना, बल्कि गांव-गांव में लोगों की चेतना और सहभागिता से एक जनआंदोलन में बदल गया।
जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला पंचायत सीईओ ने अभियान की निगरानी करते हुए ग्राम पंचायत स्तर तक इसकी पहुंच सुनिश्चित की । वे स्वयं ग्रामों में पहुंचकर सोख्ता गड्ढा निर्माण कार्यों का अवलोकन कर ग्रामीणों से संवाद करती रहीं। उन्होंने न केवल लोगों को प्रेरित किया, बल्कि स्वयं भी निर्माण कार्य में भागीदारी कर एक मिसाल पेश की।
अभियान की सबसे विशेष बात यह रही कि इसमें कोई मशीनरी उपयोग नहीं किया गया। लोगों ने अपने हाथों से गड्ढों की खुदाई की और स्थानीय सामग्री जैसे पत्थर, टूटी ईंटें और रेत का उपयोग कर सोख्ता गड्ढे तैयार किए। प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों और महिला स्व-सहायता समूहों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
गांवों की दीवारों पर जल संरक्षण संबंधी स्लोगन, जैसे – “बारिश का पानी बचाओ, भूजल का स्तर बढ़ाओ” – लिखकर और पोस्टर-बैनर के माध्यम से अभियान को व्यापक प्रचार मिला। यह पहल केवल जल संकट से निपटने का समाधान नहीं, बल्कि भूजल स्तर में दीर्घकालीन सुधार की दिशा में प्रभावी कदम माना जा रहा है।




