The 118-year-old dilapidated thatched police station built during the British era needs a new building
मुंगेली जिला से हरजीत भास्कर की रिपोर्ट
बारिश में सभी कमरो में रिसता है पानी, प्रतिवर्ष मरम्मत कराकर पन्नी ढ़क कर चलाते है काम, तमाम अव्यवस्था से पुलिस रिकार्ड असुरक्षित
मुंगेली /लोरमी-आजादी के 40 साल पहले अंग्रेजो के जमाने में बने लोरमी थाना भवन कंडम हो चुका है, 118 साल पुराना इस खपरैलनुमा भवन में प्रतिवर्ष बारिश में पानी रिसता है, थाना भवन का ऐसा कोई कमरा नही है जिसमें पानी टकपता न हो। इस प्रकार के अव्यवस्था से पुलिस स्टाफ पिछले कई साल से दो-चार हो रहे है, इसलिए नया थाना भवन बनाने की मांग ने जोर पकड़ी हुई है।
नगर के मध्य में संचालित थाने का निर्माण सन् 1907 में किया गया है, भवन बनने के साथ ही थाने का संचालन शुरू हुआ, तब से लेकर आज तक इसी पिछले 100 साल से अधिक समय से इसी भवन में थाने का संचालन किया जा रहा है। भवन पुराना होने की वजह से पूरी तरह कंडम हो चुका है, भवन का खपरैल पूरी तरह टूट चुका है, जिसके कारण कमरे में पानी रिसता है। प्रभारी कक्ष भी सुरक्षित नही है, यहां तक पुलिस रिकार्ड और कम्युटर को बारिश के दिनो में सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती से कम नही है। प्रतिवर्ष जीर्णशीर्ण भवन को बारिश से पहले मरम्मत कराकर भवन के उपर पन्नी ढक कर जैसे-तैसे काम चलाते है, कुल मिलाकर लोरमी थाना स्टाफ असुविधाओ से जूझ रहा है, इस समस्या के निराकरण के लिए नया थाना भवन की अनिवार्य आवश्यकता है।
इस कंडम भवन में कमी की बात करें तो यहां न तो ढंग से विवेचक कक्ष है और न ही प्रभारी कक्ष, और न ही माल खाना यहां तक कि रिकार्ड रूम भी ठीक से नही है, बंदी कक्ष में जप्ती माल को मजबूरीवश रखा जा रहा है, यहां तक की महिलाओं के लिए ठीक से प्रसाधन की सुविधा नही है। तमाम अव्यवस्था के बीच थाने का संचालन किया जा रहा है। एक ब्यवस्थित थाने की बात करें तो महिलाओं के लिए अलग बैरक, अलग से महिला प्रसाधन, जप्ती माल खाना, बंदी गृह, रिकार्ड रूम, शस्त्रागार, मोहर्रिर कक्ष, विवेचको के लिए हाल, आंगतुको के लिए शौचालय, सर्वसुविधा युक्त प्रभारी कक्ष ये सब होना चाहिऐ, लेकिन इनमे से अधिकतर सुविधा लोरमी थाने में नही है।
शासन ने दिया नया थाना भवन, लेकिन उपयोग से पहले हुआ जर्जर
लोरमी नगर के मुख्य मार्ग में संचालित थाना भवन जर्जर होने को देखते हुऐ शासन ने वर्ष 2004-05 में नया भवन स्वीकृत किया, जिसे गांधीडीह में बनाया भी गया लेकिन भवन उपयोग शुरू होने से पहले ही जर्जर हो गया, यही कारण है कि वर्ष 2007 में तत्कालिन थाना प्रभारी ने नया थाना भवन को हेण्डओव्हर लेने से इंकार कर दिया। तब से लेकर आज तक उस भवन का कोई उपयोग नही किया गया है, जानकारी मिली है कि उस भवन को कई बार मरम्मत भी कराया गया लेकिन भवन का न तो शुभारंभ हुआ और न ही हेण्डओव्हर हुआ, जिसके चलते शासन का लाखो रूपये नुकसान हो गया। वर्तमान में उक्त भवन कंडम विरान पड़ा हुआ है, भवन में एक भी खिड़की और दरवाजा सही सलामत नही है और न ही वहां बिजली व पंखे है, छत भी ठीक नही है, यही कारण है कि पुलिस विभाग अपना कोई भी कार्यालय खोलने के लिए तैयार नही है। उस भवन में कार्यालय खोलना जोखिम भरा है। हालाकि निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी के नियमानुसार उक्त भवन का उम्र भी समाप्त हो चुका है।
नया आवास गृह में कब्जा, सैकड़ो साल पुराने जर्जर भवन में रह रहे आरक्षक
नगर के गांधीडीह में 20 साल पहले नया थाना भवन के साथ आरक्षको के आवास के लिए भी भवन बनाया गया था, वह भी गुणवत्तापूर्ण नही था, जिसके कारण कोई भी आरक्षक नही गऐ, लेकिन वर्तमान में वही आरक्षक भवन पर कब्जा कर लिया गया है, और पिछले कई साल से बिना अनुमति रह रहे है और इधर लोरमी के थाने के पीछे भी सैकड़ो साल पहले बने आरक्षक गृह में मजबूरीवश स्टाप निवास कर रहे है, ये भी जर्जर हो चुका है, बारिश में रिसने के साथ-साथ जोखिम है।
13 साल से पंचायत भवन में चल रहा खुड़िया पुलिस चैकी
लोरमी विधानसभा क्षेत्र में पुलिसिंग में कसावट लाने के लिए और वनांचल क्षेत्र में तस्करी की घटना को कम करने के लिए खुड़िया में वर्ष 2012 में पुलिस चैकी शुरू किया गया है, चैकी को उस समय तत्कालिन रूप से पंचायत के राशन दुकान में शुरू किया गया है, अभी तक वही संचालित हो रहा है, स्थापना के 13 साल बाद भी खुड़िया पुलिस चैकी को स्थायी भवन नही मिल पाया है, इधर 2 साल पहले डिण्डौरी में नया पुलिस चैकी खोला गया है उसे भी पंचायत के राशन गोदाम में संचालित किया जा रहा है। लोरमी में पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय संचालित तो है लेकिन उसके लिए भी अलग से भवन नही है, ब्लाॅक कालोनी में निवास के लिए आवंटित किऐ गऐ भवन में एसडीओपी कार्यालय पिछले कई साल से चल रहा है। लोरमी में नया थाना भवन के साथ-साथ खुड़िया और डिण्डौरी चैकी तथा अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय के लिए भी भवन की नितांत आवश्यकता है। विदित हो कि वर्ष 2000 से पंचायत भवन में संचालित लोरमी क्षेत्र के चिल्फी थाने को अभी भवन नसीब हुआ है जो निर्माणाधीन है।
थाना परिसर में ही नया भवन बनाने की मांग
नगर में नया थाना भवन बनाने की मांग फिर से की जा रही है, नगरवासियों की मांग है कि नया थाना भवन थाना परिसर में ही बने और हो सके तो जो पुराना भवन है उसी को तोड़कर उसी जगह नया बनाया जाये। जागरूक लोगो का कहना है कि नगर का सघन बस्ती सराफा बाजार, और पूरा मार्केट थाना के आसपास ही है, इसलिए यही नया भवन बनने से पुलिसिंग में कसावट आऐगी।
इनका कहना है
लोरमी में नया थाना भवन बनाने सहमति बनी है, स्थल चयन की प्रक्रिया चल रहा है।
नवनीत पाटिल, एसडीओपी लोरमी




